New Coaching Depot in Ranchi:बालसिरिंग बनेगा वैकल्पिक रेलवे टर्मिनल, हटिया पर भार होगा कम

रांची रेल मंडल में बालसिरिंग पर नया कोचिंग डिपो बनेगा। हटिया स्टेशन का भार कम करने और भविष्य की ट्रेनों के लिए वैकल्पिक टर्मिनल तैयार करने की रेलवे की योजना।


New Coaching Depot in Ranchi रेल परिचालन को आधुनिक और सुगम बनाने के तहत रांची रेल मंडल में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। हटिया कोचिंग डिपो पर बढ़ते भार को देखते हुए रेलवे ने बालसिरिंग स्टेशन के पास एक अत्याधुनिक कोचिंग डिपो विकसित करने का निर्णय लिया है। यह वैकल्पिक टर्मिनल भविष्य में ट्रेनों के रखरखाव, संचालन और विस्तार को सक्षम बनाएगा।

• रांची रेल मंडल में बालसिरिंग पर नया अत्याधुनिक कोचिंग डिपो बनेगा

• हटिया स्टेशन के कोचिंग डिपो पर बढ़ता भार हुआ सीमित

• दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और पूर्व दिशा की ट्रेनें बालसिरिंग से चल सकती हैं

• हटिया और रांची में ट्रेनों को 10-10 मिनट का ठहराव देने पर विचार

• अगले पांच वर्षों में ट्रेनों की क्षमता दोगुनी करने की रेलवे की योजना


New Coaching Depot in Ranchi: बालसिरिंग बनेगा नया टर्मिनल: हटिया और रांची पर दबाव कम होगा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बालसिरिंग स्टेशन हटिया से करीब छह किलोमीटर और रांची रिंग रोड से मात्र 500 मीटर दूरी पर स्थित है, जबकि रांची एयरपोर्ट से लगभग आठ किलोमीटर दूर है। इसकी भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध स्थान इसे नये कोचिंग डिपो के लिए उपयुक्त बनाते हैं। यहां से दक्षिण और पश्चिम दिशा की सभी ट्रेनें हटिया या रांची के स्थान पर सीधे प्रारंभ की जा सकती हैं।

New Coaching Depot in Ranchi: ट्रेनों का रूट बदलेगा, यात्रियों को मिलेगी सुविधा

उत्तर दिशा की ट्रेनें बालसिरिंग से निकलकर लोदमा-पिस्का बाइपास के वाई-कनेक्शन से होते हुए टोरी लाइन के माध्यम से उत्तर भारत जाएंगी। वहीं, उत्तर और पूर्व दिशा की ट्रेनें बालसिरिंग से प्रारंभ होकर हटिया और रांची में 10-10 मिनट का ठहराव लेकर आगे टाटीसिलवे-बरकाकाना, मुरी-बरकाकाना, मुरी-बोकारो या मुरी-चांडिल मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यह व्यवस्था यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए समय और पहुंच दोनों सुनिश्चित करेगी।

New Coaching Depot in Ranchi: हटिया कोचिंग यार्ड की सीमाएं और नई योजना की जरूरत

वर्तमान हटिया कोचिंग डिपो में केवल आठ वॉशिंग पिट हैं, जो अभी की ट्रेनों का मेंटेनेंस मुश्किल से पूरा कर पाती हैं। यार्ड का बेल-शेप लेआउट विस्तार की संभावना को सीमित करता है। भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ यहां अतिरिक्त रखरखाव और लंबी दूरी की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा, इसलिए बालसिरिंग मॉडल बेहतर समाधान के रूप में सामने आता है।

New Coaching Depot in Ranchi:पांच वर्षों में रेलवे नेटवर्क होगा दोगुना सक्षम

रेलवे ने प्रमुख शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार और सुविधाओं के आधुनिकीकरण की योजना तैयार की है। आने वाले पांच वर्षों में नई ट्रेनों की संख्या वर्तमान क्षमता से दोगुनी करने का लक्ष्य है। इसके लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन, स्टेबलिंग लाइन और पर्याप्त शंटिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह योजना भीड़भाड़ कम करेगी, कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और देशव्यापी रेल नेटवर्क को नए स्तर पर पहुंचाएगी।

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