पटना : जमीन के बदले नौकरी के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है। राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से आज यानी नौ जनवरी को इस मामले में लालू यादव समेत 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। शुक्रवार को आरोप तय होने के बाद बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि आज अदालत ने साबित कर दिया कि ‘लैंड फॉर जॉब’ का मामला कोई राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि ठोस सबूत का मामला है।
RJD को नैतिकता की बात करने का अधिकार नहीं – BJP नेता प्रभाकर मिश्रा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि जिन धाराओं के तहत कोर्ट ने लालू परिवार पर आरोप तय किए हैं वह सही हैं। लालू परिवार वही परिवार है जिसने सत्ता को पारिवारिक संपत्ति और गरीब की नौकरी को सौदेबाजी का जरिया बनाया। राजद को नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है।

नीरज कुमार ने तेजस्वी, राबड़ी और लालू यादव का इस्तीफा मांगा है
दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का इस्तीफा मांगा है। नीरज कुमार ने कहा कि जो आरोप न्यायालय ने तय किए हैं वह गंभीर हैं। लालू यादव को सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। राबड़ी देवी भी इस मामले में अभियुक्त हैं उन्हें भी बिहार विधान परिषद में विधायक दल के नेता से इस्तीफा देना चाहिए। तेजस्वी यादव विधानमंडल दल के नेता हैं, उनको भी इस्तीफा देना चाहिए। नीरज ने आगे कहा कि तेजस्वी का नाम तरुण यादव भी है, उनके नाम पर भी जमीन लिखवाई गई। आप लोगों को अविलंब इस्तीफा देना चाहिए।

न्यायालय का आदेश सिर-आंखों पर है, हम अपनी पूरी बात न्यायालय में कहेंगे – मृत्युंजय तिवारी
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि न्यायालय का आदेश सिर-आंखों पर है। हम अपनी पूरी बात न्यायालय में कहेंगे। हम लोगों को न्यायालय पर पूरा भरोसा है, लेकिन यह तो सब लोग जानते हैं कि क्या हो रहा है, किस तरीके से पूरी एजेंसी को पीछे लगाया जा रहा है। लेकिन आज बंगाल में भी क्या हो रहा है यह देख लीजिए। हम लोग अपनी बात न्यायालय में रखने का प्रयास करेंगे। न्यायालय पर हम लोगों को पूरा भरोसा है।

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अंशु झा की रिपोर्ट
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