Jamshedpur police investigation: जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण केस में बड़ा खुलासा। फर्जी स्कॉर्पियो नंबर कोडरमा की बोलेरो का निकला, बिहार गैंग पर शक, SIT ने जांच तेज की।
Jamshedpur police investigation: जमशेदपुर: आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि इस वारदात के तार बिहार से जुड़े संगठित गिरोहों तक पहुंच रहे हैं। हाजीपुर और लालगंज गैंग की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों को बिहार रवाना कर दिया है। वहीं स्थानीय इनपुट के आधार पर एसआईटी ने गुरुवार शाम जेम्को इलाके से खट्टा बबलू को हिरासत में लिया है, जिसे संदिग्ध गैंग के संपर्क में बताया जा रहा है। इसके साथ ही दुबई में छिपे धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गिरोह की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
Key Highlights
कैरव गांधी अपहरण में फर्जी स्कॉर्पियो नंबर का खुलासा
इस्तेमाल किया गया नंबर कोडरमा की बोलेरो का निकला
बिहार के हाजीपुर और लालगंज गैंग पर शक
CCTV फुटेज में पूरी वारदात कैद
इंडोनेशिया नंबर से पांच करोड़ की रंगदारी की मांग
Jamshedpur police investigation:फर्जी पुलिस बोर्ड लगी स्कॉर्पियो से हुआ अपहरण
जांच में खुलासा हुआ है कि अपहर्ताओं ने पुलिस बोर्ड लगी एक स्कॉर्पियो से कैरव गांधी का अपहरण किया था। इस स्कॉर्पियो पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह जेएच 12ए 4499 निकली, जो असल में कोडरमा जिले की एक बोलेरो गाड़ी की है। पुलिस ने उस बोलेरो के मालिक से पूछताछ भी की है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नंबर प्लेट का दुरुपयोग किस तरह किया गया।
Jamshedpur police investigation:पहले की गई रेकी, तय रूट पर रची गई साजिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कैरव गांधी अक्सर घर से करीब आधा किलोमीटर दूर डीएमओ ऑफिस के पास एक चाय दुकान पर दोस्तों के साथ बैठते थे। अपहर्ताओं ने पहले उनके घर से फैक्ट्री जाने वाले रास्ते और इस चाय दुकान की रेकी की। इसके बाद वारदात के लिए कदमा-सोनारी लिंक रोड को चुना गया।
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम पुलिस को मिलाकर एसआईटी का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
Jamshedpur police investigation:CCTV फुटेज में पूरी वारदात कैद
अपहरण की पूरी घटना कदमा-सोनारी लिंक रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। फुटेज के मुताबिक 13 जनवरी को दोपहर 12:52 बजे कैरव गांधी की कार वहां से गुजरती दिखती है। उस समय गाड़ी की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा थी और कैरव खुद ड्राइव कर रहे थे। महज दो मिनट बाद वही गाड़ी करीब 109 किलोमीटर की रफ्तार से उसी रास्ते से एरोड्रम की ओर जाती नजर आती है, जिसके पीछे स्कॉर्पियो चल रही होती है।
इसके बाद दोनों गाड़ियां एरोड्रम गोलचक्कर से होते हुए एसएसपी और डीसी आवास के सामने वाले रास्ते से सीएच एरिया गोलचक्कर, साई मंदिर होते हुए मरीन ड्राइव पहुंचती हैं। दोपहर 1:09 बजे कैरव की कार कांदरबेड़ा में लावारिस हालत में मिली, जिसका गेट खुला हुआ था। वहीं स्कॉर्पियो दोपहर 1:29 बजे चांडिल टोल प्लाजा से गुजरती दिखाई दी।
Jamshedpur police investigation:पांच करोड़ की रंगदारी, विदेशी नंबर से कॉल
पुलिस के अनुसार बुधवार को इंडोनेशिया के एक नंबर से फोन कर कैरव गांधी की रिहाई के बदले पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। कॉल की तकनीकी जांच भी की जा रही है ताकि अपहर्ताओं तक पहुंचा जा सके।
Jamshedpur police investigation:पहले भी हो चुका है ऐसा ही अपहरण
जमशेदपुर में इससे पहले भी इसी तरह का अपहरण हो चुका है। सोनारी आशियाना गार्डन निवासी उद्यमी कृष्णा भालोटिया का 2 सितंबर 2005 को कांदरबेड़ा चौक से अपहरण कर लिया गया था। उस वारदात को हाजीपुर के अरविंद गिरोह ने अंजाम दिया था। करीब 14 दिन बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उन्हें कंकड़बाग से सुरक्षित बरामद किया था।
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