पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की जगह उनके छोटे बेटे व विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को मिल सकती है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उन्हें राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। 25 जनवरी को पार्टी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें यह फैसला लिए जाने की संभावना है। बड़े बदलाव की वजह लालू यादव की बिगड़ती तबीयत है। सूत्रों का कहना है कि उनकी तबीयत को देखते हुए पार्टी नेतृत्व में बदलाव होने के संकेत हैं।
लालू यादव की तबीयत पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनी हुई है
पिछले कुछ समय से लालू प्रसाद यादव की तबीयत पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह सक्रिय राजनीति से काफी हद तक दूर हैं। ऐसे में पार्टी के रोजमर्रा के फैसले और रणनीतिक जिम्मेदारियां संभालने के लिए एक मजबूत और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी क्रम में तेजस्वी यादव का नाम सबसे आगे है, जो पहले से ही नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के प्रमुख चेहरे के तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
तेजस्वी ने चुनाव में किया नेतृत्व
तेजस्वी यादव ने हाल के वर्षों में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी मैदान में भी पार्टी का नेतृत्व किया है। बिहार विधानसभा चुनावों में राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन बुरी हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद तेजस्वी की अगुवाई में पार्टी ने युवाओं, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर मजबूत चुनाव लड़ा था। हालांकि, 25 जनवरी को होने वाली मीटिंग में ही स्पष्ट हो सकेगा कि पार्टी यह फैसला लेती है या नहीं।
पार्टी बनने से अब तक लालू यादव के हाथ ही रही कमान
लालू प्रसाद यादव राजद के संस्थापक अध्यक्ष बने पांच जुलाई 1997 में जब उन्होंने जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल का गठन किया था। तब से वे लगातार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (सुप्रीमो) रहे हैं। राजद के प्रवक्ता या राष्ट्रीय कार्यकारिणी में समय-समय पर अन्य वरिष्ठ नेताओं को पदों पर नियुक्त किया जाता रहा है (जैसे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव वगैरह), लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अबतक केवल लालू यादव ही रहे हैं। लालू यादव को 13 बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा चुका है।
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