Ranchi: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बुधवार को राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) सह निर्वाची पदाधिकारी ने नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना जारी होते ही राज्य के 48 नगर निकायों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
4 फरवरी तक दाखिल होंगे नामांकनः
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। इच्छुक प्रत्याशी 4 फरवरी तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी, जिसमें दस्तावेजों और नामांकन से जुड़े नियमों की जांच की जाएगी।
6 फरवरी को नाम वापसी, 7 को चुनाव चिन्हः
नामांकन पत्रों की जांच के बाद 6 फरवरी को प्रत्याशियों को नाम वापस लेने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। इसके पश्चात 7 फरवरी को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाएगा। चुनाव चिह्न मिलने के बाद सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार को तेज करेंगे।
23 फरवरी को मतदान, 27 को मतगणनाः
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नगर निकाय चुनाव के लिए 23 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान के बाद 27 फरवरी को मतगणना होगी, जिसके साथ ही चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
व्यय पर्यवेक्षकों (Expense Supervisors) को दिया गया प्रशिक्षणः
नगर निकाय चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यय पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया है। बुधवार को सभी जिलों से आए व्यय पर्यवेक्षकों को आयोग के सभागार में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी, आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यवेक्षकों को संबोधित किया।
प्रशिक्षण के दौरान चुनाव खर्च पर निगरानी:
प्रशिक्षण के दौरान चुनाव खर्च पर निगरानी, प्रत्याशियों के व्यय (Expense Supervisors) विवरण, आचार संहिता के पालन और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और आम नागरिकों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
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