झारखंड शराब घोटाला मामले में ईडी ने 10 अधिकारियों और कर्मियों को नोटिस भेजा। 12 से 15 मार्च के बीच रांची कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया।
Jharkhand Liquor Scam रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में उत्पाद विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मियों सहित कुल 10 लोगों को नोटिस भेजा गया है। इन सभी को पूछताछ के लिए रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के अनुसार जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है उनमें सुधीर कुमार, सुधीर कुमार दास, उदय कुमार दास, मो. राजा, शीतल मोहसिन, तत्कालीन उत्पाद आयुक्त और नवेंदू सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। ईडी ने इन सभी को 12 से 15 मार्च के बीच पूछताछ के लिए बुलाया है।
Jharkhand Liquor Scam:12 से 15 मार्च के बीच होगी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को निर्धारित तिथियों के बीच रांची कार्यालय में उपस्थित होना होगा। ईडी की टीम उनसे शराब घोटाला मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाना है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
Key Highlights
शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 10 लोगों को नोटिस जारी किया
12 से 15 मार्च के बीच रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ होगी
नोटिस पाने वालों में तत्कालीन उत्पाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल
एसीबी पहले ही कई अधिकारियों और कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है
मामले में अब तक किसी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई
Jharkhand Liquor Scam:एसीबी भी कर रही है मामले की जांच
शराब घोटाला मामले की जांच सिर्फ ईडी ही नहीं बल्कि एंटी करप्शन ब्यूरो भी कर रहा है। एसीबी इस मामले में पहले ही कई अहम कार्रवाई कर चुका है। जांच के दौरान तत्कालीन आईएएस अधिकारी सहित कई अन्य अधिकारियों और कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
Jharkhand Liquor Scam:कुछ आरोपित पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
ईडी द्वारा जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें से कुछ को पहले ही एसीबी द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईडी की पूछताछ के बाद मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और नीतिगत फैसलों से जुड़े पहलुओं की भी गहन जांच कर रही हैं।
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