असम चुनाव में झारखंड के नेता सक्रिय, हेमंत सोरेन 28 मार्च को कोकराझार में करेंगे रैली, भाजपा-कांग्रेस के साथ JMM भी मैदान में।
Political Update रांची: बंगाल और असम के चुनावी मैदान में इस बार झारखंड के नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। भाजपा, झामुमो और कांग्रेस के नेता वहां रह रहे बिहार-झारखंड के प्रवासी मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। खासकर असम विधानसभा चुनाव में इन नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
Political Update: असम में त्रिकोणीय मुकाबला, JMM की एंट्री से बढ़ी दिलचस्पी
असम विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, लेकिन झामुमो के 21 उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। इससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है।
Key Highlights
असम और बंगाल चुनाव में झारखंडी नेताओं की सक्रियता
JMM के 21 उम्मीदवारों से मुकाबला हुआ दिलचस्प
Hemant Soren 28 मार्च को कोकराझार में करेंगे सभा
Babulal Marandi का 29 मार्च को असम दौरा
JMM ने 20 स्टार प्रचारकों की नई सूची जारी की
Political Update: हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी का चुनावी दौरा
झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren 28 मार्च को असम के कोकराझार स्थित हारापुता फुटबॉल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। वहीं नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi का 29 मार्च को असम दौरा प्रस्तावित है। इन दौरों से चुनावी माहौल और गरमाने की उम्मीद है।
Political Update: झामुमो ने जारी की स्टार प्रचारकों की नई सूची
झामुमो ने असम चुनाव को लेकर अपने 20 स्टार प्रचारकों की संशोधित सूची जारी की है। इसमें Supriyo Bhattacharya का नाम जोड़ा गया है, जबकि विधायक सुखराम उरांव का नाम हटाया गया है।
सूची के अनुसार, Hemant Soren प्रचार अभियान का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ डॉ. सरफराज अहमद, कल्पना मुर्मू सोरेन, डॉ. महुआ माजी, विनोद कुमार पांडेय, सुदिव्य कुमार, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, योगेंद्र प्रसाद, विजय हांसदा, हफीजुल हसन, भूषण तिर्की और विकास मुंडा समेत कई नेता शामिल हैं।
Political Update: भाजपा और कांग्रेस ने भी झोंकी ताकत
भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने स्टार प्रचारकों की सूची में झारखंड के कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया है। दोनों दल प्रवासी मतदाताओं को साधने के लिए रणनीतिक तौर पर झारखंडी नेताओं को मैदान में उतार रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और कड़ा हो गया है।
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