बिहार में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत हो गई है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि इससे किसानों को डिजिटल पहचान और योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
Farmer Registry Bihar पटना: बिहार के किसानों को डिजिटल पहचान देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री विशेष अभियान की शुरुआत कर दी है। 12 मई से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में किया।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए नई व्यवस्था और नई उम्मीद लेकर आई है। इससे किसानों को डिजिटल पहचान मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचेगा।
Key Highlights
बिहार में 12 मई से फार्मर रजिस्ट्री विशेष अभियान शुरू
कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने किया अभियान का शुभारंभ
पहले चरण में 47.85 लाख किसानों का पंजीकरण
किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान और योजनाओं का सीधा लाभ
सरकार का लक्ष्य 1.80 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनाना
Farmer Registry Bihar:दूसरे चरण की शुरुआत, किसानों को मिला फार्मर आईडी
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड से की गई। इस दौरान कृषि मंत्री ने पांच किसानों — लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार को फार्मर आईडी वितरित किया।
मंत्री ने कहा कि यह अभियान किसानों और सरकार के बीच सीधा सेतु बनाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा।
Farmer Registry Bihar:1.80 करोड़ किसानों का फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 1 करोड़ 80 लाख किसानों का फार्मर आईडी तैयार करना है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से भविष्य में भूमि विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी और सामाजिक सौहार्द मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि बिहार में वर्तमान में 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। इनमें 47 लाख 85 हजार किसानों का फार्मर आईडी बनाया गया है, जबकि शेष किसानों का पंजीकरण जारी है।
Farmer Registry Bihar:किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी के जरिए किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी और जमीन से जुड़े कई कार्य स्वतः अपडेट हो सकेंगे।
वहीं कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने इसे बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए किसानों से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की।
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