झारखंड में एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर शुरू किया, 1967 नंबर पर शिकायत दर्ज करें।
Jharkhand LPG Supply Alert रांची: खाड़ी देशों में बढ़ती अशांति के बीच झारखंड सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने रांची स्थित खाद्य निदेशालय के तहत एक विशेष कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर स्थापित करने का आदेश जारी किया है।
इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
Jharkhand LPG Supply Alert: 24×7 निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय
सरकार द्वारा स्थापित यह कंट्रोल रूम खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय के नियंत्रण में कार्य करेगा। इसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि चौबीसों घंटे आपूर्ति की निगरानी की जा सके।
कॉल सेंटर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित होगा, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
Key Highlights
झारखंड में LPG आपूर्ति के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
1967 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा
कॉल सेंटर सुबह 8 से रात 8 बजे तक सक्रिय
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश
जिला स्तर पर रोजाना मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग
Jharkhand LPG Supply Alert: 1967 नंबर पर दर्ज करें शिकायत
विभाग ने पहले से संचालित पब्लिक ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम को ही विस्तारित करते हुए कॉल सेंटर के रूप में विकसित किया है।
उपभोक्ता 1967 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों को तुरंत संबंधित जिलों के आपूर्ति पदाधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
Jharkhand LPG Supply Alert: कालाबाजारी पर सख्ती, डीसी को निर्देश
सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों के उपायुक्तों को घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
साथ ही कालाबाजारी से जुड़े मामलों की रोजाना रिपोर्ट निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया गया है। इन रिपोर्ट्स की विभागीय स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
Jharkhand LPG Supply Alert: समन्वय से होगा त्वरित समाधान
जिला स्तर पर आपूर्ति पदाधिकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर शिकायतों का समाधान करेंगे।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से एलपीजी आपूर्ति प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
Highlights


