पटना : बिहार के रोहतास जिले की तेलकप ग्राम पंचायत को वर्ष 2025 के लिए नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार) के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने ग्राम पंचायत की मुखिया अनीता टोप्पो को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतें महिला जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना गर्व की बात – मंत्री दीपक प्रकाश
उन्होंने कहा कि रोहतास जिले के रोहतास प्रखंड स्थित तेलकप ग्राम पंचायत द्वारा विकास की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जो बिहार के लिए गर्व का विषय है। यहां की जनप्रतिनिधि का कुशल नेतृत्व न केवल राज्य की बल्कि देश की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पंचायती राज विभाग द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि बिहार की पंचायतें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। यह उपलब्धि राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
राज्य के त्रि-स्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों के क्षमता संवर्धन के लिए विभाग प्रतिबद्ध है
राज्य के त्रि-स्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों के क्षमता संवर्धन के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा नियमित रूप से राज्य के अंदर तथा बाहर प्रतिष्ठित संस्थाओं में पंचायत जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय चुनौतियों को समझने और प्रभावी नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे पंचायतों की कार्यक्षमता और जवाबदेही में निरंतर सुधार हो रहा है।
ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को प्रतिवर्ष मिलता है सम्मान
नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार एक राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार है जो भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाता है। मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास लक्ष्यों (SDGS) के अनुरूप कार्यों के आधार पर यह पुरस्कार देश की तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों एवं जिला परिषदों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के माध्यम से पंचायतों को स्थानीय स्तर पर समावेशी विकास, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण एवं सुशासन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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