Hazaribagh: हजारीबाग में Vinoba Bhave University (विभावि) में व्याप्त शैक्षणिक कुव्यवस्था और छात्र हितों की अनदेखी के खिलाफ आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया। परिषद के बैनर तले आयोजित एक दिवसीय ‘छात्र हुंकार’ धरना प्रदर्शन में विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कैंपस में सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप
धरने को संबोधित करते हुए परिषद के नेताओं ने Vinoba Bhave University प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का मुख्य आक्रोश विश्वविद्यालय के लचर सत्र (Academic Session) को लेकर था। वक्ताओं ने कहा कि सत्र विलंब से चलने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसके अलावा, कैंपस में पेयजल, पुस्तकालय और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। छात्रों का कहना था कि उन्हें डिग्री लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर केवल आश्वासन मिलता है।
आंदोलन उग्र करने की दी गई चेतावनी
मीडिया से रूबरू होते हुए नगर मंत्री साहिल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज का यह धरना केवल एक सांकेतिक विरोध है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते शैक्षणिक कुव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया और छात्रों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। हम विश्वविद्यालय में पूर्ण तालाबंदी करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।”
शाम तक चले इस धरने के समापन पर परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि लंबित परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित किए जाएं, शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित किया जाए और छात्र सुविधाओं में तत्काल सुधार हो। एबीवीपी ने दो टूक कहा है कि अगर ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र शक्ति विश्वविद्यालय के कामकाज को ठप करने के लिए मजबूर होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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