पेयजल घोटाला मामले में आरोपी के साथ मारपीट के आरोपों की CBI जांच का रास्ता साफ हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की SLP खारिज कर दी।
Supreme Court Update रांची: रांची में चर्चित पेयजल घोटाला मामले में आरोपी के साथ कथित मारपीट के आरोपों की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation (CBI) करेगी। इस मामले में झारखंड सरकार को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसकी विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी को खारिज कर दिया है।
राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मामले की जांच CBI से कराने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब CBI जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
Key Highlights:
• सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की एसएलपी खारिज की
• पेयजल घोटाला मामले में CBI जांच का रास्ता साफ
• आरोपी संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया था
• झारखंड हाईकोर्ट ने पहले CBI जांच का आदेश दिया था
• लगभग 23 करोड़ रुपये के पेयजल घोटाले से जुड़ा है मामला
Supreme Court Update:सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज की याचिका
मामले की सुनवाई जस्टिस M. M. Sundresh और जस्टिस N. Kotiswar Singh की पीठ ने की। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया।
बताया गया कि 13 अप्रैल को राज्य सरकार के अनुरोध पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी थी। इसके बाद दोबारा सुनवाई हुई, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील को अस्वीकार कर दिया गया।
Supreme Court Update:23 करोड़ रुपये के पेयजल घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला लगभग 23 करोड़ रुपये के पेयजल घोटाले से जुड़ा है। इस घोटाले के आरोपी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate (ED) के अधिकारियों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया था।
संतोष कुमार ने इस संबंध में एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ईडी अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की।
Supreme Court Update:रांची पुलिस ने ईडी कार्यालय को घेरा था
एफआईआर दर्ज होने के बाद रांची पुलिस ने ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को घेर लिया था और मामले की जांच शुरू की थी। इस घटना ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में काफी हलचल पैदा कर दी थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने इसकी जांच CBI से कराने का आदेश दिया था, जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब शीर्ष अदालत के फैसले के बाद जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी।
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