झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली में संशोधन की तैयारी है। शिक्षक भर्ती परीक्षा में अब भूमिज भाषा को शामिल किया जाएगा।
harkhand Teacher Vacancy रांची: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भूमिज भाषा को शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) के बाद होने वाली शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में भूमिज भाषा को आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इससे भूमिज भाषा बोलने वाले अभ्यर्थियों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
Jharkhand Teacher Vacancy: भाषा परीक्षा में जोड़ी जाएगी भूमिज
राज्य में शिक्षक नियुक्ति के लिए 200 अंकों की भाषा परीक्षा आयोजित होती है। इसमें 100 अंक की परीक्षा अभ्यर्थी की मातृभाषा पर आधारित होती है, जबकि बाकी 100 अंक की परीक्षा कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा अधिसूचित भाषाओं में से किसी एक भाषा में ली जाती है।
अब भूमिज भाषा को भी इसी अधिसूचित भाषा श्रेणी में शामिल करने की तैयारी चल रही है। परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे और इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित होगा।
यह व्यवस्था कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ दोनों श्रेणी की शिक्षक नियुक्ति परीक्षाओं में लागू होगी।
Key Highlights
शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भूमिज भाषा शामिल होगी
सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली में संशोधन की तैयारी
जेटेट के बाद होने वाली भर्ती में लागू होगा नया नियम
दूसरे चरण में करीब 40 हजार शिक्षकों की होगी नियुक्ति
रांची, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला में भूमिज भाषा मान्य
Jharkhand Teacher Vacancy: वर्तमान में इन भाषाओं का विकल्प
फिलहाल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के पहले पेपर में अभ्यर्थी हिंदी, अंग्रेजी, संताली, मुंडारी, हो, खड़िया, कुडुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी और पंचपरगनिया जैसी भाषाओं में से चयन कर परीक्षा देते हैं।
वहीं दूसरे पेपर में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संताली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुडुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया और संस्कृत जैसी भाषाएं शामिल हैं। अब इस सूची में भूमिज भाषा को भी जोड़ा जाएगा।
Jharkhand Teacher Vacancy: तीन जिलों में मान्यता प्राप्त है भूमिज भाषा
वर्तमान में जेटेट परीक्षा में भूमिज भाषा को रांची, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में जनजातीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई है। इन जिलों के अभ्यर्थी भूमिज भाषा का चयन कर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
सरकार के इस फैसले को स्थानीय और जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Jharkhand Teacher Vacancy: दूसरे चरण में 40 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती
राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में दूसरे चरण में करीब 40 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। बताया जा रहा है कि जेटेट का रिजल्ट जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
पहले चरण की परीक्षा के बाद करीब 16 हजार पद खाली रह गए थे, जबकि दूसरे चरण में लगभग 24 हजार पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 40 हजार शिक्षकों की बहाली की जाएगी।
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