दरभंगा की लदहो पंचायत में महिला जनप्रतिनिधियों की पहल पर मिडल स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल यूनिट स्थापित की गई। किशोरियों को मिलेगा सुरक्षित माहौल।
Menstrual Hygiene Initiative पटना: बिहार के दरभंगा जिले में किशोरियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर एक सकारात्मक पहल सामने आई है। पंचायती राज विभाग बिहार और Center for Catalyzing Change के तकनीकी सहयोग से बिरौल प्रखंड की लदहो ग्राम पंचायत के मिडल स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और सुरक्षित निस्तारण इकाई स्थापित की गई है। यह पहल पंचायत की महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और सामूहिक प्रयास का परिणाम मानी जा रही है।
Key Highlights
दरभंगा के लदहो पंचायत स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित
किशोरियों के लिए सुरक्षित डिस्पोजल यूनिट भी लगाई गई
महिला जनप्रतिनिधियों की पहल से तीन से चार माह में पूरा हुआ काम
पंचायती राज विभाग और C3 संस्था के सहयोग से लागू हुई पहल
मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर छात्राओं में जागरूकता अभियान भी चलाया गया
किशोरियों की समस्या को महिला प्रतिनिधियों ने बनाया मुद्दा
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई किशोरियां मासिक धर्म के दौरान आवश्यक सुविधाओं की कमी से जूझती हैं। स्कूलों में सैनिटरी पैड की उपलब्धता और सुरक्षित डिस्पोजल की व्यवस्था नहीं होने से छात्राओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका असर उनकी पढ़ाई, स्कूल उपस्थिति और आत्मविश्वास पर भी पड़ता है।
लदहो पंचायत में महिला जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या को गंभीरता से चिन्हित किया। उन्होंने सामूहिक रूप से पंचायत की मुखिया कविता देवी को आवेदन सौंपकर समाधान की मांग की। इसके बाद पंचायत स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन से चार महीने के भीतर स्कूल में वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल यूनिट स्थापित कर दी गई।
मेघा परियोजना के तहत चला जागरूकता अभियान
यह पहल पंचायत में संचालित “मेघा परियोजना” के तहत संभव हो सकी। इस परियोजना के माध्यम से महिला जनप्रतिनिधियों को क्लस्टर स्तरीय संवाद और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है। इसमें मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और महिलाओं की गरिमा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण और जागरूकता दी जाती है।
इस अभियान में मंजू देवी, फूल कुमारी देवी, विभा देवी, जैतून खातून और बेबी कुमारी जैसी महिला प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने समस्या की पहचान से लेकर आवेदन और लगातार अनुश्रवण तक सक्रिय भागीदारी निभाई।
छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास
मशीन स्थापित होने के बाद विद्यालय में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़ी जानकारी दी गई।
इस पहल के बाद छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब इन विषयों पर अधिक सहजता के साथ संवाद कर पा रही हैं।
लदहो ग्राम पंचायत का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व और स्थानीय समाधान की एक प्रभावी मिसाल बनकर उभरा है।
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