रांची के टाटीसिलवे स्थित परीक्षा केंद्र पर SSC GD 2026 परीक्षा में रिमोट एक्सेस से हाईटेक नकल का मामला सामने आया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
SSC GD Exam Scam रांची: Staff Selection Commission द्वारा आयोजित सीएपीएफ जीडी यानी एसएससी जीडी 2026 परीक्षा के दौरान Ranchi में हाईटेक नकल का बड़ा मामला सामने आया है। टाटीसिलवे स्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर में रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा प्रणाली को हैक कर अभ्यर्थी की जगह सवाल हल किए जा रहे थे। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने अभ्यर्थी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
SSC GD Exam Scam: एजेंसी ने पकड़ी गड़बड़ी, पुलिस को दी सूचना
जानकारी के अनुसार परीक्षा गुरुवार सुबह नौ बजे से शुरू हुई थी। परीक्षा की निगरानी कर रही कोलकाता स्थित एजेंसी ने सिस्टम में संदिग्ध गतिविधि देखी। जांच में पाया गया कि एक अभ्यर्थी सिस्टम पर केवल माउस पकड़े बैठा था, जबकि स्क्रीन पर प्रश्न अपने आप हल हो रहे थे।
एजेंसी ने तुरंत इसकी सूचना Jharkhand Police को दी। सूचना मिलते ही टाटीसिलवे पुलिस, ग्रामीण एसपी और डीएसपी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया।
Key Highlights:
रांची में SSC GD 2026 परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला
रिमोट एक्सेस से सिस्टम हैक कर हल हो रहे थे प्रश्न
अभ्यर्थी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता की निगरानी एजेंसी ने पकड़ी गड़बड़ी
पुलिस नेटवर्क और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी
SSC GD Exam Scam: पहले से सिस्टम पर बैठकर किया गया था हैक
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी मृत्युंजय यादव, जो बिहार के सीवान का रहने वाला है, परीक्षा शुरू होने से पहले ही सेंटर के लोगों की मदद से अंदर पहुंच गया था। आरोप है कि उसने अपने सिस्टम को ऑफ और ऑन कर तकनीकी तरीके से हैकिंग की प्रक्रिया शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों में सेंटर का आईटी एक्सपर्ट मुन्ना राज और केंद्र संचालक विकास कुमार भी शामिल हैं। विकास कुमार बिहार के नालंदा का निवासी बताया गया है। पुलिस को शक है कि यह पूरा गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन नकल कराने में शामिल था।
SSC GD Exam Scam: चौथे संदिग्ध से पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले में तीन लोगों की संलिप्तता साबित होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य संदिग्ध आरोपी से पूछताछ जारी है। दो अन्य लोगों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया।
पुलिस अब जब्त कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क डेटा और रिमोट एक्सेस तकनीक की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक भी फैला हो सकता है।
Highlights







