Advertisement
Advertisement

Sugarcane Farming को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार का बड़ा अभियान, किसानों को मिलेगा गुणवत्तायुक्त बीज और अनुदान

बिहार सरकार गन्ना किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण योजना से जोड़ने जा रही है। गन्ना रथ अभियान और गुड़ प्रोत्साहन योजना पर जोर।


 Sugarcane Farming पटना: बिहार सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक खेती, गुणवत्तायुक्त बीज और यंत्रीकरण सुविधाओं से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने का फैसला लिया है। गुरुवार को गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने की।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने ब्रीडर सीड और प्रमाणित गन्ना बीज उत्पादन करने वाली संस्थाओं की नियमित निगरानी और समयबद्ध अंकेक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 Sugarcane Farming:गन्ना रथ अभियान से गांव-गांव पहुंचेगी नई तकनीक

मंत्री संजय कुमार ने गन्ना क्षेत्र विस्तार के लिए व्यापक रणनीति बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विभाग ‘गन्ना रथ’ अभियान शुरू करेगा। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और उत्पादन बढ़ाने की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों में नई चीनी मिलों की स्थापना प्रस्तावित है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि किसान नए अवसरों का लाभ उठा सकें। मंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं गन्ना उत्पादक क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।

 Sugarcane Farming: गुड़ प्रोत्साहन योजना से बढ़ेगी किसानों की आय

बैठक में गुड़ प्रोत्साहन योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का जल्द निष्पादन कर पात्र किसान-उद्यमियों को शीघ्र लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने किसानों से केन केयर पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।


Key Highlights

  • गन्ना किसानों को समय पर मिलेगा प्रमाणित बीज

  • ‘गन्ना रथ’ अभियान से गांवों में पहुंचेगी आधुनिक खेती की जानकारी

  • गुड़ प्रोत्साहन योजना से किसानों और उद्यमियों को मिलेगा लाभ

  • कृषि यंत्रों पर 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान

  • नई चीनी मिलों और गन्ना क्षेत्र विस्तार पर सरकार का फोकस


 Sugarcane Farming: यंत्रीकरण योजना में 70 प्रतिशत तक अनुदान

मंत्री ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के जरिए छोटे एवं सीमांत किसानों को रियायती दरों पर आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार के अनुसार, गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं कस्टम हायरिंग सेंटर अथवा कृषि उद्यमी यंत्र बैंक के माध्यम से भी 70 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

 Sugarcane Farming: नई चीनी मिलों और बीज उत्पादन पर विशेष फोकस

विभाग ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में नई चीनी मिलों की स्थापना और गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नई पहल की गई हैं। विभाग ने भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान तथा राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर उन्नत गन्ना बीज उत्पादन प्रक्रिया शुरू की है।

मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत इस वर्ष कई बदलाव किए गए हैं। गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत किसानों को बीज उपलब्ध कराने पर 470 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही बीज परिवहन पर भी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Highlights

Commercial Advertisment

SIR Update: झारखंड समेत 7 राज्यों के छूटे मतदाताओं को मिलेगा...

 निर्वाचन आयोग ने झारखंड समेत 7 राज्यों में SIR प्रक्रिया के दौरान छूटे मतदाताओं को एक और मौका देने का फैसला किया है। पात्र...

Vaibhav Suryavanshi बने बिहार टीम के कप्तान, Syed Mushtaq Ali Trophy...

 वैभव सूर्यवंशी को सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए बिहार टीम का कप्तान बनाया गया है। सूरज कश्यप उपकप्तान...

OBC Creamy Layer: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वेतन के आधार...

 सुप्रीम कोर्ट ने OBC क्रीमी लेयर आरक्षण पर केंद्र सरकार की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। अब केवल माता-पिता की वेतन और कृषि आय...