Sand Mining Update: झारखंड में बालू घाटों की लीज प्रक्रिया तेज, 13 घाटों पर साइन, 10 जून से NGT की रोक

 झारखंड में बालू घाटों के संचालन को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज की। 13 घाटों की लीज डीड पूरी, 10 जून से एनजीटी की रोक लागू होने से पहले भंडारण की तैयारी।


Sand Mining Update रांची: Hemant Soren ने झारखंड में बालू घाटों के संचालन को लेकर लीज डीड प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के सात जिलों के 13 बालू घाटों की लीज डीड पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। हालांकि Dumka में अब तक लीज डीड पर साइन नहीं हो पाया है।

इधर, 10 जून से National Green Tribunal यानी एनजीटी की रोक प्रभावी होने वाली है। ऐसे में राज्य सरकार और खनन विभाग बालू भंडारण को लेकर तेजी से काम कर रहे हैं। रोक लागू होने में अब केवल 19 दिन शेष हैं।

Sand Mining Update: दुमका के चार घाटों को मिल चुकी पर्यावरण स्वीकृति

राज्य में कुल 35 बालू घाट ऐसे हैं जिन्हें पहले ही पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें दुमका जिले के चार घाट भी शामिल हैं। दुमका के हरिपुर, छोटाकामटी, कटाई और सिमरा बालू घाट को पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त है। इसके अलावा हरिपुर टेपरा नदी तल क्षेत्र को भी स्वीकृति मिल चुकी है।

इसके बावजूद अब तक जिला प्रशासन की ओर से लीज डीड निष्पादित नहीं की जा सकी है। जिला खनन पदाधिकारी Anand Kumar ने बताया कि प्रक्रिया अभी जारी है।


Key Highlights:

  • झारखंड में 13 बालू घाटों की लीज डीड पूरी

  • 10 जून से एनजीटी की रोक लागू होगी

  • दुमका के चार घाटों को पर्यावरण स्वीकृति मिली

  • राज्य में 444 बालू घाट चिन्हित, 299 की नीलामी पूरी

  • बरसात से पहले करोड़ों सीएफटी बालू भंडारण की तैयारी


Sand Mining Update: राज्य में 444 बालू घाट चिन्हित

खनन विभाग के अनुसार झारखंड में कुल 444 बालू घाट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 299 घाटों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जबकि 145 घाटों की नीलामी अभी लंबित है।

अब तक 35 घाटों को पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है और सात जिलों के 13 घाटों की लीज डीड पूरी कर ली गई है। जिन जिलों के घाटों पर लीज डीड हो चुकी है उनमें Godda, Jamtara, Ranchi, Bokaro, Latehar, Hazaribagh और Jamshedpur शामिल हैं।

Sand Mining Update: बरसात से पहले करोड़ों सीएफटी बालू भंडारण की तैयारी

विभागीय अनुमान के अनुसार सामान्य तौर पर एक हेक्टेयर बालू घाट से हर वर्ष लगभग चार से पांच लाख सीएफटी बालू निकासी संभव होती है। स्वीकृत घाटों से प्रतिवर्ष करीब 3.5 करोड़ से 5 करोड़ सीएफटी तक बालू उपलब्ध हो सकता है।

वहीं एनजीटी की रोक लागू होने से पहले एक माह के भीतर करीब एक से दो करोड़ सीएफटी बालू का भंडारण करने की तैयारी की जा रही है। इस भंडारित बालू का उपयोग बरसात के मौसम में निर्माण कार्यों के लिए किया जाएगा।

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