बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में PDS व्यवस्था, संदिग्ध राशन कार्ड, शिकायत निवारण और खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
Bihar PDS Monitoring पटना: पटना में Food and Consumer Protection Department Bihar की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव ने की, जिसमें सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में लाभार्थियों को समय पर सही मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जन वितरण प्रणाली की दुकानों का नियमित निरीक्षण कर अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
Bihar PDS Monitoring:PDS दुकानों और ट्रांसपोर्टरों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
सचिव ने खाद्यान्न ढुलाई से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर PDS दुकानों का निरीक्षण करने और लाभुकों तक सही मात्रा में राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया। बैठक में PDS Parkh App के जरिए किए गए निरीक्षणों में सामने आई अनियमितताओं की भी समीक्षा की गई।
सचिव ने स्पष्ट कहा कि जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है तथा कार्रवाई प्रतिवेदन नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
Key Highlights
बिहार में PDS व्यवस्था की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
राशन वितरण में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
संदिग्ध राशन कार्डों की जांच तेज करने का फैसला
PDS Parkh App से मिली अनियमितताओं की समीक्षा
लंबित शिकायतों और आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर
Bihar PDS Monitoring:संदिग्ध राशन कार्डों की होगी गहन जांच
बैठक के दौरान संदिग्ध राशन कार्डों से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई। सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों के हितों की रक्षा करते हुए अपात्र लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सहयोग शिविरों में प्राप्त लंबित आवेदनों के निष्पादन को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
Bihar PDS Monitoring:शिकायत निवारण और न्यायालयीन मामलों पर फोकस
सचिव ने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लंबित शिकायतों के शीघ्र निष्पादन और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जन वितरण प्रणाली दुकानों की रिक्तियों को जल्द भरने और न्यायालयों में लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक के अंत में सभी जिला एवं अनुमंडल स्तरीय अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निदेशक उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय Vibhuti Ranjan Choudhary, विशेष सचिव उपेंद्र कुमार, संयुक्त सचिव रवीन्द्र कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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