मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब रांची समेत देशभर के बाजार पर दिखने लगा है। खाद्य तेल, दाल, चावल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद महंगे हुए।
Inflation Impact रांची: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टेशन लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर खाद्य तेल, दाल, चावल और रोजमर्रा की वस्तुओं पर दिख रहा है।
पिछले 25 दिनों में सरसों तेल की कीमत में 10 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बीते पांच दिनों में ही इसमें 5 रुपए प्रति लीटर का उछाल दर्ज किया गया। रिफाइंड तेल, अरहर दाल और प्रीमियम चावल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।
Inflation Impact:खाद्य तेल और दाल के दाम में लगातार बढ़ोतरी
बाजार में सरसों तेल अब 175 से 200 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 165 से 190 रुपए थी। रिफाइंड तेल 750 एमएल पैक में 155 से 160 रुपए तक पहुंच गया है।
अरहर दाल की कीमत 120 से 130 रुपए प्रति किलो हो गयी है। कतरनी चावल 60 से 65 रुपए प्रति किलो और बासमती चावल 120 से 130 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। व्यापारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है।
Key Highlights
मिडिल ईस्ट तनाव का असर घरेलू बाजार पर दिखने लगा
25 दिनों में सरसों तेल 10 रुपए प्रति लीटर तक महंगा
दाल, चावल और एफएमसीजी उत्पादों के दाम भी बढ़े
ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग लागत बढ़ने से बाजार पर दबाव
सैमसंग ने टीवी और फ्रिज समेत उत्पादों की कीमत 5% बढ़ायी
Inflation Impact:एफएमसीजी उत्पादों पर भी महंगाई की मार
महंगाई का असर अब एफएमसीजी उत्पादों पर भी दिखने लगा है। डिटरजेंट और साबुन जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
ईजी वॉश 500 ग्राम पैक 68 रुपए से बढ़कर 71 रुपए हो गया है, जबकि एक किलो पैक 134 से बढ़कर 144 रुपए पहुंच गया है। टाइड सर्फ, व्हील एक्टिव और निरमा संदल साबुन की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गयी है।
व्यापारियों का कहना है कि डीजल, पैकेजिंग मटेरियल और शिपिंग कॉस्ट बढ़ने से कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
Inflation Impact:टीवी और फ्रिज भी हुए महंगे
वैश्विक तनाव और रुपए की कमजोरी का असर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर भी दिख रहा है। कच्चे माल और आयात लागत बढ़ने के कारण कई कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं।
Samsung ने 20 मई से अपने उत्पादों की कीमतों में 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के मैनेजर रणधीर कुमार के अनुसार टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद अब पहले से महंगे हो गए हैं।
Inflation Impact:व्यापारियों ने जतायी आगे और महंगाई बढ़ने की आशंका
खाद्य तेल कारोबारी अर्जुन जालान ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली से 25 टन माल लाने का किराया करीब 5000 रुपए तक बढ़ गया है। विदेशों से आने वाले सोया तेल की शिपिंग लागत भी महंगी हो चुकी है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले समय में रोजमर्रा के कई अन्य उत्पादों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
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