बिहार में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए स्पेशल विंग का गठन होगा। कला एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा में सचिव ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर दिया।
Heritage Conservation पटना: बिहार में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सांस्कृतिक आधारभूत संरचना के विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार ने कला एवं संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए एक विशेष विंग गठित करने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में संरक्षित करना और उनके विकास कार्यों को विशेषज्ञों की देखरेख में आगे बढ़ाना है।
Heritage Conservation:पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए बनेगा विशेष विंग
भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित योजनाओं की समीक्षा बैठक में सचिव ने कहा कि पुरातात्विक स्थलों की ऐतिहासिक पहचान और मौलिक स्वरूप को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए एक विशेष विंग का गठन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों की सलाह लेकर संरक्षण कार्य किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की तकनीकी बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि संरक्षण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
बैठक में 26 जिलों के 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण, विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा दरभंगा स्थित स्मारक अहिल्या स्थान, बेगूसराय संग्रहालय और लखीसराय के लाल पहाड़ी पुरास्थल पर चल रही परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
Highlights







