पटना के बांस घाट शवदाह गृह में ईशा फाउंडेशन ने आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं। दीघा घाट समेत बिहार के छह शहरों में हाईटेक शवदाह गृह बनाने की तैयारी।
Patna News पटनाः बिहार में अंतिम संस्कार व्यवस्था को अधिक सम्मानजनक, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। पटना के बांस घाट स्थित शवदाह गृह को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यह कार्य ईशा फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पार्थिव शरीर को श्रद्धा और गरिमा के साथ अंतिम विदाई देना है।
Patna News:बांस घाट में विकसित की गईं आधुनिक सुविधाएं
करीब 4.50 एकड़ क्षेत्र में फैला बांस घाट श्मशान घाट एशिया के सबसे बड़े श्मशान घाटों में शामिल है। यहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। मृतक के परिजनों के लिए दो वातानुकूलित हॉल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके अलावा यहां काल भैरव मंडपम का निर्माण किया जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार से पूर्व धार्मिक विधियां संपन्न की जा सकेंगी। परिसर में आठ फीट ऊंची काल भैरव की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
Key Highlights:
पटना के बांस घाट शवदाह गृह में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार।
ईशा फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षित स्वयंसेवक देंगे अंतिम संस्कार में सहयोग।
15 दिनों में गैस आधारित आधुनिक फर्नेंस शुरू होने की संभावना।
दीघा घाट समेत बिहार के छह शहरों में विकसित होंगे आधुनिक शवदाह गृह।
26 से 28 जून तक बिहार दौरे पर रहेंगे सदगुरु, मुख्यमंत्री से भी करेंगे मुलाकात।
वर्तमान में बांस घाट में लकड़ी आधारित छह, विद्युत संचालित चार तथा आठ खुले शवदाह स्थल उपलब्ध हैं। अगले 15 दिनों में गैस आधारित आधुनिक फर्नेंस भी शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे अंतिम संस्कार प्रक्रिया अधिक पर्यावरण अनुकूल और कम खर्चीली होगी।
यहां अंतिम संस्कार के दौरान पंडित, नाई, डोम राजा समेत अन्य पारंपरिक सेवाओं को भी सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे परिजनों को अलग-अलग स्तर पर होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
Patna News:दीघा घाट समेत छह शहरों में होगा विस्तार
पटना के दीघा घाट स्थित शवदाह गृह को भी आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। यह एलपीजी गैस आधारित शवदाह गृह होगा। इसके अलावा बेगूसराय के सिमरिया घाट, गया, भागलपुर, सहरसा और छपरा में भी आधुनिक शवदाह गृह विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में ईशा फाउंडेशन की सामाजिक एवं पर्यावरणीय इकाई ईशा आउटरीच के साथ समझौता किया था। इसके बाद इन शहरों में श्मशान घाटों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई।
Patna News:अंतिम संस्कार में सहायता करेंगे प्रशिक्षित स्वयंसेवक
ईशा फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, जो अंतिम संस्कार के दौरान शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। ये स्वयंसेवक धार्मिक प्रक्रियाओं से लेकर भावनात्मक सहयोग तक विभिन्न स्तरों पर मदद करेंगे।
फाउंडेशन के अनुसार, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों को भविष्य में मुफ्त अंतिम संस्कार सेवा उपलब्ध कराने की भी योजना है।
Patna News:पहली बार बिहार दौरे पर आएंगे सदगुरु
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु 26 से 28 जून तक बिहार दौरे पर रहेंगे। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे।
27 जून को पटना के बापू सभागार में उनका सार्वजनिक कार्यक्रम और सत्संग प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। फाउंडेशन का कहना है कि बिहार में आधुनिक शवदाह गृहों का विकास अंतिम संस्कार व्यवस्था को अधिक सम्मानजनक, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
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