रांची में फर्जी दस्तावेजों से जमीन घोटाले पर ईडी ने बड़ा कदम उठाया है। मोरहाबादी समेत 8 मौजा में जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन पर रोक लगा दी गई है।
Ranchi Land Scam रांची: रांची में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में ईडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी के आग्रह पर राजधानी के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में शामिल आठ मौजा में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में जमीन के म्यूटेशन पर भी रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया है।
ईडी ने इस संबंध में रांची के जिला अवर निबंधक और संबंधित अंचल अधिकारियों को पत्र भेजा था। इसके बाद मोरहाबादी, बरियातू, कोकर, तिरिल, सांगा, संग्रामपुर, बुकरू और नगड़ी मौजा में यह कार्रवाई लागू कर दी गई।
Ranchi Land Scam:रिम्स की सरकारी जमीन की अवैध बिक्री के बाद सख्ती
जांच के अनुसार, राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान रिम्स के विस्तार के लिए वर्षों पहले अधिग्रहित सरकारी जमीन को कथित तौर पर भू-माफिया, बिचौलियों और अंचल कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया गया।
ईडी को आशंका है कि जांच से बचने के लिए विवादित जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नए खरीदारों को बेचा जा रहा है, ताकि साक्ष्यों को मिटाया जा सके। इसी वजह से रजिस्ट्री और म्यूटेशन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
Key Highlights
ईडी के आग्रह पर रांची के 8 मौजा में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक।
मोरहाबादी, बरियातू, कोकर समेत पॉश इलाकों में म्यूटेशन भी बंद।
रिम्स की 9.65 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की जांच जारी।
कांके अंचल में ऑनलाइन भू-अभिलेख से छेड़छाड़ का साइबर केस दर्ज।
चामा मौजा के 200 एकड़ जमीन घोटाले की भी ईडी कर रही है जांच।
Ranchi Land Scam:रिम्स की 9.65 एकड़ जमीन मामले में एसीबी की जांच धीमी
रिम्स की 9.65 एकड़ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर 5 जनवरी को एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों, बिल्डरों और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सामने आई।
एसीबी अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी प्रमोद अब भी फरार है। जांच एजेंसी ने करीब एक दर्जन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की अनुमति निगरानी एवं मंत्रिमंडल विभाग से मांगी है, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण जांच की रफ्तार प्रभावित हुई है।
Ranchi Land Scam:कांके में ऑनलाइन भू-अभिलेख से छेड़छाड़ का मामला
रांची के साइबर थाना में 29 जून 2026 को कांके अंचल में ऑनलाइन भू-अभिलेख और फर्जी जमाबंदी से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह मामला गारू मौजा की करीब 1.28 एकड़ जमीन से जुड़ा है।
एफआईआर के अनुसार, सरकारी झारभूमि पोर्टल के ऑनलाइन रजिस्टर-2 और मूल भू-अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां मिलीं। आरोप है कि साइबर अपराधियों और भू-माफिया ने तत्कालीन राजस्व कर्मियों की फर्जी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव किया। इसके जरिए गैर-बिक्री योग्य और विवादित जमीनों की अवैध रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज कराने की कोशिश की गई।
जांच के दायरे में झारभूमि पोर्टल से जुड़े वर्तमान और पूर्व सॉफ्टवेयर डेवलपर तथा तकनीकी कर्मियों को भी रखा गया है।
Ranchi Land Scam:चामा मौजा के 200 एकड़ जमीन घोटाले की भी जांच
ईडी वर्ष 2023 से रांची के विभिन्न जमीन घोटालों की जांच कर रही है। इसमें कांके अंचल के चामा मौजा में करीब 200 एकड़ जमीन घोटाला भी शामिल है।
सदर, बड़गाईं, कांके और पंडरा थाना क्षेत्रों में पहले से दर्ज मामलों में सरकारी रजिस्टर-2 के पन्ने फाड़ने, जालसाजी करने और डिजिटल रिकॉर्ड में बदलाव के आरोप लगे थे। इन्हीं मामलों के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर संख्या 06/2023 दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी, जो अब भी जारी है।
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