Gumla Market Renovation: गुमला के मुख्य बाजार की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बाजार में जगह-जगह फैले कचरे, जलजमाव और कीचड़ की वजह से दुकानदारों, किसानों और ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से बाज़ार के जीर्णोद्धार (मरम्मत) की मांग कर रहे हैं।
बारिश से बढ़ीं मुश्किलें; कारोबार पर असर
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बारिश के मौसम में बाजार की हालत और खराब हो जाती है। रास्तों पर कीचड़ और जमा पानी के कारण आना-जाना मुश्किल हो जाता है। दूर-दराज़ से आने वाले किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों को भी परेशानी होती है, जिससे कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने जवाबदेही पर सवाल उठाए
सामाजिक कार्यकर्ता सईदा खातून ने बाजार की मौजूदा हालत के लिए सरकार और नगर परिषद को ज़िम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बाज़ार के जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपये का एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके कारण स्थानीय दुकानदारों और किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर परिषद ने फंड की कमी का हवाला दिया
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि गुमला बाज़ार के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए ज़रूरी फंड मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।

स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोग बाज़ार में साफ-सफाई, जल निकासी और सड़कों की खराब हालत से नाखुश हैं। दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि जब बाज़ार से राजस्व वसूला जाता है, तो बुनियादी सुविधाएं भी समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से बाज़ार की हालत सुधारने के लिए जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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