Lohardaga Shubham Murder Case: झारखंड के लोहरदगा ज़िले में 30 जुलाई को शुभम की हत्या और लूट की कोशिश के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने मामला सुलझा लिया है और घटना के सिर्फ़ 48 घंटों के अंदर दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है। गिरफ़्तार किए गए लोगों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल, एक ज़िंदा .315 बोर का कारतूस और एक मोबाइल फ़ोन बरामद किया गया है। गिरफ़्तार आरोपियों की पहचान लाल रोशन नाथ शाहदेव (कुडू, लोहरदगा) और हशमत राजा (पटगाई, घाघरा, गुमला) के तौर पर हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पहले ज्वेलरी शॉप में लूट की कोशिश, फिर पेट्रोल पंप पर गए
पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम को आरोपियों ने सबसे पहले अपर बाज़ार में एक ज्वेलरी शॉप में लूट की कोशिश की। जब योजना नाकाम रही, तो वे वहाँ से भाग निकले और पात्राटोली के एक पेट्रोल पंप पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने कैश लूटने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि पेट्रोल पंप पर विरोध का सामना करने के बाद आरोपी वहाँ से भाग गए और बाद में ‘प्रिया स्टोर’ के मालिक शुभम कुमार को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल शुभम की मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
SIT ने टेक्निकल जांच के ज़रिए आरोपियों का पता लगाया
घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई। जांच टीम ने टेक्निकल सबूतों, मोबाइल लोकेशन डेटा, CCTV फुटेज और लगातार छापेमारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, ओपा गाँव में छापेमारी के बाद 1 अगस्त की सुबह दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस अभी इन बयानों की पुष्टि दूसरे सबूतों से कर रही है।
आरोपियों के दावों की जांच कर रही है पुलिस
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी लाल रोशन नाथ शाहदेव ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि उसने ज्वेलरी शॉप में पहले हुए विवाद और सोने की चेन खरीदते समय हुई बहस के बाद लूट की योजना बनाई थी। वहीं, आरोपी ने शुभम कुमार की हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी और एक उग्रवादी कमांडर से जुड़े विवाद का कारण बताया है। पुलिस ने साफ़ किया है कि ये आरोपी के बयान हैं और इनकी बारीकी से और निष्पक्ष जांच की जा रही है।
हत्या में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल की तलाश जारी है
पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल को बरामद करने के लिए रांची और दूसरी संभावित जगहों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अगर इसमें किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उनके ख़िलाफ़ भी उचित क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोहरदगा पुलिस का कहना है कि इस हाई-प्रोफ़ाइल मर्डर केस को इतनी जल्दी सुलझाना वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और तुरंत कार्रवाई की वजह से ही मुमकिन हो पाया। जांच अभी भी चल रही है और पुलिस और सबूत इकट्ठा कर रही है।

Highlights



















