Bihar Cooperative Policy 2026: बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सहकारिता विभाग की ओर से क्षेत्रीय पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। पटना स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में आयोजित कार्यशाला में सहकारी समितियों के संचालन और नई नीति के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई। सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि नई सहकारिता नीति के क्रियान्वयन से बिहार में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से राज्य के सभी वर्गों और क्षेत्रों के संतुलित विकास का लक्ष्य रखा गया है।
30 जुलाई 2026 से प्रभावी है नई सहकारिता नीति
मंत्री राम कृपाल यादव ने कार्यशाला के आयोजन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार में नई सहकारिता नीति 30 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। उन्होंने कहा कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से सहकारिता के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने में मदद मिलेगी। कार्यशाला का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह, अपर निबंधक विकास कुमार बरियार सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए सहकारी समितियों में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार राज्य सहकारिता नीति तैयार कर लागू की गई है। इसके सफल क्रियान्वयन में क्षेत्रीय पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सहकारिता के माध्यम से आम लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने का प्रयास किया जा रहा है।
समितियों को अधिप्राप्ति से आगे बढ़ाने की तैयारी
निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि नई नीति के तहत सहकारी समितियों को केवल अधिप्राप्ति तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विकास की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 और नियमावली में वर्णित प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया।
महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को जोड़ने पर फोकस
अपर निबंधक विकास कुमार बरियार ने कहा कि विकसित राज्य की अवधारणा में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन, समावेशी विकास और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि नीति के तहत महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सहकारिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन, डेयरी और हरित ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहकारी इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में वेजफेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह, डीएनएस पटना के निदेशक डॉ. केपी रंजन, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण) कामेश्वर ठाकुर सहित सहकारिता विभाग के सभी सहायक निबंधक, उप निबंधक और प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक उपस्थित रहे।

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