रांची में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमान परिचालन प्रभावित हुआ। पुणे और मुंबई से आने वाली दो उड़ानें डायवर्ट हुईं।
Ranchi Airport रांची: रांची में सुबह घने कोहरे और लो विजिबिलिटी के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमान परिचालन प्रभावित रहा। कम दृश्यता के कारण लैंडिंग नहीं हो पाने से बाहर से रांची आने वाली दो उड़ानों को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। स्थिति में सुधार होने के बाद दोनों विमान वापस रांची पहुंचे। इसके अलावा रांची से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स भी देरी से रवाना हुईं।
Ranchi Airport:पुणे और मुंबई से आने वाली फ्लाइट डायवर्ट
पुणे से सुबह करीब 8:30 बजे रांची आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को कम दृश्यता के कारण कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया। मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद यह विमान करीब 11 बजे रांची एयरपोर्ट वापस पहुंचा।
इसी दौरान मुंबई से रांची आ रहा एयर इंडिया का विमान भी कम विजिबिलिटी के कारण लैंड नहीं कर सका। विमान को वाराणसी डायवर्ट किया गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यह विमान सुबह 10:30 बजे के बाद रांची एयरपोर्ट वापस पहुंचा।
Key Highlights
- घने कोहरे और कम दृश्यता से रांची एयरपोर्ट पर विमान परिचालन प्रभावित।
- पुणे से आने वाली इंडिगो फ्लाइट को कोलकाता डायवर्ट किया गया।
- मुंबई से आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट वाराणसी डायवर्ट हुई।
- रांची से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स भी 30 से 60 मिनट तक देरी से चलीं।
- एयरपोर्ट पर कैट-2 लैंडिंग लाइट सिस्टम नहीं होने से कम दृश्यता में परेशानी बढ़ती है।
Ranchi Airport:कई उड़ानें देरी से रवाना हुईं
कम दृश्यता का असर केवल रांची आने वाली उड़ानों पर नहीं पड़ा, बल्कि यहां से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स भी प्रभावित हुईं।
दोपहर में रांची से पटना जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट करीब एक घंटे की देरी से रवाना हुई। वहीं बेंगलुरु जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस और मुंबई जाने वाली इंडिगो की उड़ान में भी देरी हुई।
सुबह दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो की फ्लाइट भी निर्धारित समय से करीब 30 से 45 मिनट की देरी से उड़ान भर सकीं।
Ranchi Airport:कैट-2 लाइट सिस्टम नहीं होने से बढ़ती है परेशानी
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के दौरान विमानों की लैंडिंग प्रभावित होने की समस्या पहले भी सामने आती रही है। पिछले तीन महीनों में करीब दर्जनभर विमानों को लैंडिंग नहीं हो पाने के कारण डायवर्ट किए जाने की बात सामने आई है।
इसकी एक प्रमुख वजह एयरपोर्ट पर आधुनिक कैट-2 लैंडिंग लाइट सिस्टम का नहीं होना बताया गया है। वर्ष 2025 में इस सिस्टम को लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन इसके लिए करीब 900 मीटर अतिरिक्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
कैट-2 लाइटिंग सिस्टम लगने के बाद करीब 300 से 350 मीटर तक की कम दृश्यता में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिल सकती है। ऐसे में एयरपोर्ट पर इस सुविधा के विकसित होने से कोहरे और कम दृश्यता के दौरान फ्लाइट डायवर्जन की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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