झारखंड DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार ने नियम 5 में संशोधन और नियुक्ति प्रक्रिया का पक्ष रखा।
Jharkhand DGP रांची: झारखंड के डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में बाबूलाल मरांडी की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया और राज्य की डीजीपी नियुक्ति नियमावली पर सवाल उठाये गये। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखते हुए कहा कि डीजी रैंक में प्रोन्नत महिला अधिकारी तदाशा मिश्रा को अवसर देने के लिए नियुक्ति नियमावली के नियम 5 में संशोधन किया गया था।
Jharkhand DGP:तदाशा मिश्रा को मौका देने के लिए नियम में बदलाव
सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि तदाशा मिश्रा डीजीपी रैंक में प्रोन्नत होने वाली एकमात्र महिला अधिकारी हैं। कपिल सिब्बल ने उनके नक्सल विरोधी अभियान और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में किये गये कार्यों का भी उल्लेख किया। सरकार के अनुसार, उन्हें डीजीपी पद के लिए अवसर देने के उद्देश्य से नियम 5 में संशोधन किया गया था।
मामले में बाबूलाल मरांडी की ओर से झारखंड की डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया और राज्य की नियमावली को चुनौती दी गयी है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में डीजीपी नियुक्ति से संबंधित व्यापक सुनवाई के साथ जुड़ा हुआ है।
Key Highlights
- झारखंड DGP नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- राज्य सरकार ने नियम 5 में संशोधन का बचाव किया
- तदाशा मिश्रा को अवसर देने के लिए नियम बदलने की बात कही गयी
- अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में नियुक्ति प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज
- राज्य सरकार गुरुवार को रिपोर्ट पर विस्तृत जवाब देगी
Jharkhand DGP:अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में नियुक्ति पर सवाल
सुनवाई के दौरान अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट का भी उल्लेख हुआ। रिपोर्ट में तदाशा मिश्रा की डीजीपी पद पर नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के डीजीपी नियुक्ति संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी नियुक्ति सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले हुई थी।
अमिकस क्यूरी ने झारखंड की 2025 की डीजीपी नियुक्ति नियमावली के कुछ प्रावधानों पर भी सवाल उठाये हैं। रिपोर्ट में नियमों के तहत राज्य सरकार को प्राप्त व्यापक विवेकाधिकार और डीजीपी की नियुक्ति में निर्धारित प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
Jharkhand DGP:गुरुवार को सरकार रखेगी विस्तृत जवाब
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार गुरुवार को अपना विस्तृत पक्ष रखेगी। इसके बाद अदालत मामले में आगे के निर्देश दे सकती है। बुधवार की सुनवाई में सरकार ने खास तौर पर नियम 5 में किये गये संशोधन और तदाशा मिश्रा की नियुक्ति के पीछे राज्य का पक्ष अदालत के सामने रखा।
मामला सुप्रीम कोर्ट के उस व्यापक प्रकरण से भी जुड़ा है, जिसमें राज्यों में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया और UPSC की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में झारखंड में नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर राज्य से जवाब मांगे जाने का भी उल्लेख है।


















