Jamshedpur ED Raid: कथित 734 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। दोनों को बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे बिष्टुपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ईडी की टीम ने गिरफ्तारी के बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। जांच पूरी होने के बाद टीम उन्हें अपने साथ रांची ले गई। यह कार्रवाई कथित जीएसटी धोखाधड़ी, टैक्स चोरी और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की गई है।
जमशेदपुर और कोलकाता में एक साथ छापेमारी
इस मामले में ईडी ने बुधवार सुबह जमशेदपुर और कोलकाता में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया था। जमशेदपुर में बिष्टुपुर समेत तीन ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जबकि कोलकाता में दो स्थानों पर छापेमारी हुई। बताया गया है कि जांच के दायरे में बबलू जायसवाल और उनके अकाउंटेंट से जुड़े ठिकाने भी शामिल थे। ईडी की टीम ने तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी दी है। सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही। इसके बाद बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया।

फर्जी बिलिंग और ITC से जुड़े गंभीर आरोप
जांच के केंद्र में करीब 734 करोड़ रुपये का कथित जीएसटी घोटाला है। आरोप है कि फर्जी कंपनियों के माध्यम से बिलिंग कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया और अवैध तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया गया। बबलू जायसवाल के खिलाफ भी बोगस कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग, टैक्स चोरी और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप बताए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ईडी की ओर से की गई छापेमारी और दस्तावेजों की बरामदगी को इसी जांच का हिस्सा बताया जा रहा है। बरामद सामग्री से जुड़े विवरण और जांच के निष्कर्षों पर आगे की कार्रवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
मेडिकल जांच के बाद दोनों को रांची ले गई ईडी
गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम दोनों आरोपियों को एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद टीम उन्हें रांची ले गई। जमशेदपुर और कोलकाता में हुई तलाशी के बाद पिता-पुत्र की गिरफ्तारी इस मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब जांच एजेंसी कथित फर्जी कंपनियों, बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे बढ़ाएगी।


















