Navratri 2026: रांची में रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और विजयादशमी की तारीख

 रांची में 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा तिथियां, विजयादशमी की तारीख और गुजराती समाज के गरबा महोत्सव की पूरी जानकारी।


Navratri 2026 रांची: राजधानी रांची समेत देशभर में रविवार, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। शनिवार को पितृपक्ष के समापन के बाद दुर्गा पूजा की तैयारियों में तेजी आएगी। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसी दिन घरों, मंदिरों और दुर्गा मंडपों में कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाली आराधना शुरू होगी। वाराणसी पंचांग के अनुसार, इस बार कलश स्थापना के लिए सुबह 11:12 बजे से 11:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। वहीं, राजधानी में रहने वाले गुजराती समाज का नवरात्र महोत्सव भी रविवार से शुरू हो जाएगा।

Navratri 2026: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, ऐसे शुरू होगी मां की आराधना

वाराणसी पंचांग के अनुसार, रविवार को प्रतिपदा तिथि रात 8:37 बजे तक रहेगी। चित्रा और वैधृति योग के कारण कलश स्थापना के लिए सुबह 11:12 बजे से 11:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त निर्धारित है। इसे कलश स्थापना के लिए उपयुक्त समय माना गया है। गृहस्थ इस समय के अलावा भी कलश स्थापना कर सकते हैं। मां की पूजा-अर्चना के लिए सूर्योदय के बाद का समय भी उपयुक्त माना जाता है।

नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु अपने घरों, मंदिरों और दुर्गा मंडपों में कलश स्थापित करेंगे। इसके बाद अखंड दीप प्रज्ज्वलित करने, जौ बोने और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू होगा। कई श्रद्धालु स्वयं पाठ करेंगे, जबकि कुछ पंडितों के माध्यम से पूजा-अर्चना कराएंगे। पाठ के समापन पर आरती और क्षमा प्रार्थना के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।

नवरात्र के दौरान श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास रखेंगे। कुछ भक्त फलाहार करेंगे, तो कुछ एक समय भोजन करेंगे। कई श्रद्धालु सेंधा नमक से तैयार सात्विक भोजन ग्रहण कर मां की आराधना करेंगे।

Navratri 2026: वाराणसी पंचांग हाथी पर आगमन, मुर्गे पर विदाई

वाराणसी पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे अत्यधिक बारिश का संकेत माना जाता है। वहीं, मां का गमन चरणायुध यानी मुर्गे पर बताया गया है, जिसे शुभ नहीं माना जाता। इस बार आश्विन शुक्ल पक्ष में अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण नवरात्र से जुड़ी तिथियों का क्रम सामान्य से अलग रहेगा।

पंचांग के अनुसार, 12 अक्टूबर को द्वितीया, 13 अक्टूबर को तृतीया, 14 अक्टूबर को चतुर्थी, 15 अक्टूबर को पंचमी, 16 अक्टूबर को षष्ठी और 17 अक्टूबर को सप्तमी के साथ नवपत्रिका प्रवेश होगा। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

Navratri 2026: बांग्ला पंचांग घोड़े पर आगमन, नाव पर गमन

बांग्ला पंचांग के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर और गमन नाव पर हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं में घोड़े पर आगमन को छत्रभंग का संकेत माना जाता है, जबकि नाव पर गमन को शस्य वृद्धि और जल वृद्धि से जोड़कर शुभ माना जाता है।

इस पंचांग के अनुसार, 17 अक्टूबर को महा सप्तमी होगी और 18 अक्टूबर को भी महा सप्तमी की पूजा की जाएगी। 19 अक्टूबर को महाअष्टमी, 20 अक्टूबर को महानवमी और 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

Navratri 2026: मैथिली पंचांग 21 अक्टूबर को विजयादशमी

मैथिली पंचांग के अनुसार, रविवार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना होगी। इस दिन प्रतिपदा तिथि रात 8:48 बजे तक रहेगी। सूर्योदय के बाद सुबह 10:30 बजे तक कलश स्थापना का अच्छा समय बताया गया है। इसके बाद अर्धप्रहर रहने के कारण इस अवधि में कलश स्थापना से बचने की सलाह दी गई है। जो श्रद्धालु सुबह कलश स्थापित नहीं कर पाएंगे, वे अर्धप्रहर समाप्त होने के बाद दोपहर 1:30 बजे के बाद स्थापना कर सकते हैं।

इस पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर को नवमी तिथि रहेगी। सुबह 9:44 बजे तक नवमी होने और उदयकाल में नवमी मिलने के कारण इस दिन हवन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। 21 अक्टूबर को सुबह 11:01 बजे तक दशमी तिथि रहने के कारण विजयादशमी मनाई जाएगी। इसी दिन नवरात्र व्रत का पारण भी होगा।


Key Highlights

  1. 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत, मां शैलपुत्री की होगी पूजा।
  2. वाराणसी पंचांग के अनुसार, सुबह 11:12 से 11:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त।

  3. वाराणसी पंचांग में 20 अक्टूबर और मैथिली व बांग्ला पंचांग में 21 अक्टूबर को विजयादशमी।

  4. रांची के गुजराती स्कूल परिसर में 11 अक्टूबर से गरबा रास का आयोजन।

  5. महाअष्टमी पर हवन और कन्या पूजन, विजयादशमी पर गरबा घट का विसर्जन।

Navratri 2026: रांची में गुजराती समाज का नवरात्र महोत्सव 11 अक्टूबर से

राजधानी रांची में रहने वाले गुजराती समाज का नवरात्र महोत्सव 11 अक्टूबर से शुरू होगा। इसका आयोजन लालजी हीरजी रोड स्थित गुजराती स्कूल परिसर में किया जाएगा। प्रत्येक दिन मां अंबे की पूजा के बाद रात 9 बजे से 12 बजे तक गरबा रास का आयोजन होगा। पहले दिन सुबह 8 बजे घट स्थापना की जाएगी।

महाअष्टमी के दिन सुबह 11 बजे से हवन और कुमारी कन्या पूजन होगा। इस दौरान कन्याओं को उपहार भी दिए जाएंगे। 21 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन रात 12 बजे बड़ा तालाब में गरबा घट का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के बाद शस्त्र प्रदर्शन और प्रसाद वितरण होगा। घरों में स्थापित गरबा का भी विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद शरद पूर्णिमा के अवसर पर स्कूल परिसर में शरद महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

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