UGC ने फीस रिफंड नियमों का पालन नहीं करने पर झारखंड के 16 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है। जानें किन संस्थानों के नाम सूची में हैं और कितना मिलेगा रिफंड।
UGC Notice रांची: झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन रद्द कराने के बाद फीस वापस नहीं मिलने की शिकायतों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने राज्य के 16 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इन संस्थानों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन रद्द कराने वाले विद्यार्थियों की फीस वापस नहीं करने और UGC के नियमों का पालन नहीं करने का मामला है। UGC के सचिव प्रो. श्यामा रथ ने संबंधित संस्थानों की सूची राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को भेजी है।
UGC Notice:UGC ने झारखंड के 16 संस्थानों को जारी किया नोटिस
UGC के सचिव के अनुसार, संबंधित संस्थानों को विद्यार्थियों की शिकायतों के बारे में कई बार जानकारी दी गई। इस संबंध में परामर्श बैठकें आयोजित की गईं, लिखित पत्राचार किया गया और टेलीफोन के माध्यम से भी बातचीत हुई। इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और संस्थान नियमों की अनदेखी करते रहे।
आयोग ने संबंधित संस्थानों के साथ राज्य के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को भी फीस रिफंड पॉलिसी का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही, नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
UGC Notice:इन 16 उच्च शिक्षण संस्थानों के नाम सूची में शामिल
UGC की ओर से भेजी गई सूची में झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के नाम शामिल हैं। सूची राज्यपाल के लोकभवन और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई है।
सूची में शामिल संस्थान हैं:
रांची विश्वविद्यालय
झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी
सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची
रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT)
उषा मार्टिन विश्वविद्यालय
श्रीनाथ विश्वविद्यालय
झारखंड राय विश्वविद्यालय
एमिटी विश्वविद्यालय
नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय
रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज
इक्फाई विश्वविद्यालय
आरकेडीएफ विश्वविद्यालय
झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय
कैपिटल विश्वविद्यालय
UGC की ओर से भेजी गई सूची में संबंधित संस्थानों के विद्यार्थियों के नाम, शैक्षणिक सत्र और फीस रिफंड के लिए लंबित राशि का विवरण भी शामिल है।
UGC Notice:UGC की फीस रिफंड पॉलिसी के तहत कितना पैसा मिलेगा?
UGC की फीस रिफंड पॉलिसी के अनुसार, नामांकन रद्द कराने के लिए आवेदन करने की तारीख और निर्धारित अंतिम तिथि के बीच के अंतर के आधार पर रिफंड तय किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फीस वापसी के नियम इस प्रकार हैं।
| नामांकन रद्द कराने के आवेदन का समय | फीस रिफंड |
|---|---|
| निर्धारित अंतिम तिथि से 15 दिन या उससे पहले | 100 प्रतिशत |
| अंतिम तिथि से 15 दिन के भीतर | 90 प्रतिशत |
| अंतिम तिथि के 15 दिन बाद, लेकिन 30 दिन के भीतर | 80 प्रतिशत |
| अंतिम तिथि के 30 दिन बाद | रिफंड नहीं |
विद्यार्थियों को ध्यान देना चाहिए कि फीस रिफंड की पात्रता संबंधित शैक्षणिक सत्र के लिए लागू UGC दिशानिर्देशों और निर्धारित समय सीमा के अनुसार तय होगी।
Key Highlights
- UGC ने झारखंड के 16 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है।
मामला नामांकन रद्द कराने वाले विद्यार्थियों की फीस वापस नहीं करने से जुड़ा है।
संस्थानों की सूची राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई है।
निर्धारित समय सीमा से 15 दिन या उससे पहले आवेदन करने पर 100 प्रतिशत फीस रिफंड का प्रावधान है।
- UGC ने फीस रिफंड नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
UGC Notice:छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग
UGC ने स्पष्ट किया है कि फीस रिफंड के नियमों का पालन करना उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है। निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन रद्द कराने वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार फीस वापस मिलनी चाहिए।
आयोग ने राज्य के संबंधित अधिकारियों से नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और लंबित फीस वापसी को लेकर विद्यार्थियों की नजर संबंधित संस्थानों तथा उच्च शिक्षा विभाग के कदमों पर रहेगी।


















