Bihar Industrial Development: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जमीन देने वाले लोगों को राशि के भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में औद्योगिक नीति, विभिन्न जिलों में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता, निवेश की संभावनाओं और विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
सभी जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण तेज करने का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जरूरी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए सभी जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि उद्योगों की स्थापना और विस्तार में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण के बदले जमीन मालिकों को मिलने वाली राशि का भुगतान समय पर किया जाए। भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
निवेशकों को अनुकूल माहौल और बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और निवेशकों को अनुकूल वातावरण देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उद्योगों की स्थापना और विस्तार से संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जाए और योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

उद्योग विभाग ने भूमि अधिग्रहण और निवेश की जानकारी दी
बैठक के दौरान उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की औद्योगिक नीति और विभिन्न कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अलग-अलग जिलों में उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति, निवेश से जुड़े विषयों और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर जानकारी प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों में प्रभावी समन्वय बनाए रखें। भूमि की उपलब्धता, भुगतान और परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह उपस्थित रहीं। इसके अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार और उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अब औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, जमीन मालिकों को समय पर भुगतान करने और विभागीय योजनाओं को तय समय में पूरा करने पर जोर रहेगा।


















