झारखंड में 100 साल से अधिक पुराने सरकारी स्कूलों की पहचान होगी। शिक्षा विभाग ने जिलों से एक सप्ताह में स्थापना वर्ष, यू-डायस कोड और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मांगी है।
Jharkhand Heritage School रांची: झारखंड में 100 साल से अधिक पुराने सरकारी विद्यालयों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस दिशा में पहल की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद झारखंड शिक्षा परियोजना ने राज्य के सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ), जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसई) और प्रमंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को एक सप्ताह के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पुराने और ऐतिहासिक महत्व वाले विद्यालयों की पहचान कर उनके संरक्षण और विकास की संभावनाओं का आकलन करना है।
Jharkhand Heritage School:100 साल पुराने स्कूलों की सूची तैयार करेगा शिक्षा विभाग
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से 100 साल से अधिक पुराने सरकारी विद्यालयों की जानकारी मांगी है। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
जिलों को एक सप्ताह के भीतर ई-मेल के माध्यम से रिपोर्ट भेजनी होगी। इस संबंध में जारी पत्र की प्रति सभी जिलों के उपायुक्तों को भी सूचनार्थ भेजी गयी है। शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया के जरिये राज्य के ऐतिहासिक विद्यालयों का रिकॉर्ड तैयार करना चाहता है।
Key Highlights
- झारखंड में 100 साल से अधिक पुराने सरकारी स्कूलों की पहचान की जायेगी।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से पुराने विद्यालयों की जानकारी मांगी है।
- झारखंड शिक्षा परियोजना ने जिलों को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
- स्कूल का स्थापना वर्ष, यू-डायस कोड और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देनी होगी।
- पुराने विद्यालयों को हेरिटेज स्कूल के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
Jharkhand Heritage School:स्कूलों के स्थापना वर्ष से लेकर ऐतिहासिक महत्व तक की जानकारी जरूरी
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं। इसमें जिले का नाम, विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड और स्थापना वर्ष शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल की स्थापना से संबंधित अभिलेख उपलब्ध होने पर उनकी जानकारी भी देनी होगी।
रिपोर्ट में विद्यालय के संक्षिप्त ऐतिहासिक महत्व और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है। इससे स्कूलों की स्थापना, उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान से जुड़ी जानकारी एकत्र करने में मदद मिलेगी।
Jharkhand Heritage School:हेरिटेज स्कूल के रूप में विकसित करने पर हो सकता है विचार
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार पुराने और ऐतिहासिक महत्व वाले विद्यालयों को हेरिटेज स्कूल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
जिलों से जानकारी मिलने के बाद राज्य के पुराने विद्यालयों का विवरण तैयार किया जा सकेगा। इसके आधार पर ऐतिहासिक महत्व रखने वाले स्कूलों की पहचान और उनके संरक्षण की संभावनाओं का आकलन किया जा सकता है।


















