Bihar Mid Day Meal Scheme, पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की समीक्षा के बाद विभाग ने 30 जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) से स्पष्टीकरण मांगा है। समीक्षा में ऐसे जिले सामने आए, जहां 85 प्रतिशत या उससे कम स्कूलों में ही बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड दर्ज था। मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में योजना का नियमित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल की समीक्षा में सामने आई कमी
शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा की। इसमें पता चला कि कई जिलों में स्कूलों के स्तर पर भोजन वितरण का प्रतिशत निर्धारित स्तर से कम है। कुछ जिलों में 85 प्रतिशत या उससे कम स्कूलों में ही बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। विभाग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित डीपीओ से जवाब मांगा है।
दो दिनों के भीतर डीपीओ को देना होगा स्पष्टीकरण
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्रा ने संबंधित जिलों के डीपीओ को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को बताना होगा कि उनके जिलों में योजना के संचालन का प्रतिशत कम रहने के क्या कारण हैं। इसके साथ ही विभाग ने योजना के क्रियान्वयन में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने को भी कहा है। जवाब के आधार पर विभाग संबंधित जिलों में योजना के संचालन की स्थिति की समीक्षा कर सकता है।
सरकारी स्कूलों में नियमित भोजन वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश
शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी बढ़ाने को कहा है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र बच्चों को स्कूलों में नियमित रूप से भोजन मिले और योजना के संचालन में अनावश्यक बाधा न आए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को स्कूलों में योजना की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने और कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही शिक्षा विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। विभाग अब ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के आधार पर मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की निगरानी कर रहा है। इस कदम के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों को योजना की स्थिति स्पष्ट करनी होगी और कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन 30 जिलों के नाम और संभावित कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
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Bihar में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में क्या समस्या पाई गई है?
30 जिलों में 85 प्रतिशत या उससे कम स्कूलों में ही बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड दर्ज है। शिक्षा विभाग ने इस कमी पर गंभीर चिंता जताई है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को क्या निर्देश दिए गए हैं?
डीपीओ को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा कि योजना के संचालन का प्रतिशत कम रहने के क्या कारण हैं और सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक कौन हैं?
विनायक मिश्रा मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक हैं और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
लापरवाही मिलने पर क्या होगा?
शिक्षा विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है और बच्चों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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