Dhanbad– न्यायाधीश उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआइ की विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों लखन वर्मा और राहुल वर्मा
को 302, 201, 34 के तहत दोषी करार दिया है. 6 अगस्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी.
न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में मामले की सुनवाई हुई.
अदालत ने माना कि दोनों आरोपियों ने जानबूझकर न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या की थी. जबकि आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने मामले में हाईकोर्ट जाने की बात की है.
यहां बता दें कि दिल्ली से पहुंचे सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक अमित जिंदल ने अपना मामले में सीबीआई का पक्ष रखा. CBI स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम भी पहुंची थी.
अपना फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत ने कहा कि हर हत्याकांड में कोई मोटिव या इंटेशन हाे, यह जरूरी नहीं. उन्होंने कहा कि यदि अभियुक्त यह जानता है कि उसके कार्य से किसी की मौत हो सकती है तो फिर इटेंशन की जरूरत नहीं है.
न्यायाधीश उत्तम आनंद को मारी गयी थी टक्कर
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि ऑटो से टक्कर मारी गई और उत्तम आनंद की मौत हुई. सीसीटीवी फुटेज से भी यह स्पष्ट होता है. इसमें देखा जा सकता है कि ऑटो रिक्शा के सामने की सीट पर दो लोग बैठे थे. जज उत्तम आनंद को टक्कर मारने से पहले आरोपी दो बार जजेस कॉलोनी की ओर भी गये थे, तीसरी बार पांच बजकर आठ मिनट 22 सेकंड पर ऑटो काफी तेजी से आता है, जिससे उत्तम आनंद को टक्कर मारी जाती है, जिसमें उनकी मौत होती है. डॉक्टरों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है. तीन चश्मदीद गवाहों ने ऑटो को जज को धक्का मारते देखा था.
आरोपियों ने अदालत को मिस लीड करने का प्रयास किया
न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने कहा कि इस पर विवाद नहीं है कि ऑटो लखन चला रहा था राहुल उसके बगल मे बैठा था. अभियुक्तों ने अदालत को मिस लीड करने का प्रयास किया. सीबीआइ को भी मिस लीड किया. अपना बयान बदलते रहे. कोर्ट मे दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया. लखन ने अपने बयान में इस घटना को केवल एक दुर्घटना बताया. उसने कहा था कि गाड़ी के नीचे कुछ आ गया था और गाड़ी घूम गई थी, लेकिन साक्ष्यों से ऐसा नहीं लगता कि गाड़ी के नीचे कुछ आया था और गाड़ी एकाएक घूम गयी थी.
जानबूझ कर की गयी थी जज उत्तम आनंद की हत्या
अभियुक्तों ने दावा किया कि वह लोग नशे में थे, लेकिन परीक्षण में नशे की पुष्टी नहीं हुई. अदालत ने कहा कि यह साबित होता है कि दोनों ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद की हत्या की. अदालत ने मामले में आइपीसी की धारा 302, 201 और 34 के तहत कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदुओं पर सुनवाई के लिए 6 अगस्त की निर्धारित की है.
इधर, सीबीआइ के विशेष अभियोजक अमित जिंदल ने कोर्ट के फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सजा के बिंदु पर सुनवाई के दिन वह अदालत से दोनों मुजरिमों को फांसी की सजा देने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों ने देश की न्यायपालिका पर हमला किया है।जबकि बचाव पक्ष के वकील ने फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है.
रिपोर्ट- राजकुमार
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