भक्तों ने लगाये हर-हर महादेव के जयकारे
गोड्डा : सावन की अंतिम सोमवारी पर झारखंड में शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
जिले के विभिन्न इलाकों में मंदिरों व शिवालयों में शिवभक्तों ने भगवान शंकर को जलाभिषेक किया.
इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे से शिवालय गूंज उठा.
वहीं मंदिरों पर आयोजित भजन कीर्तन में शामिल होकर शिव भक्त जमकर झूमे.
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव के शिवालय घनकुडिया शिव मंदिर,
धमसाय शिव मंदिर सिंघेश्वर नाथ शिव मंदिर, शिवपुर मंदिर आदि मंदिरों पर
बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा.
उत्तरवाहिनी गंगा कहलगांव से जल लेकर चले कांवड़ियां आदि मंदिरों पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा. विभिन्न शिवालयों में अंतिम सोमवारी पर सड़कों से लेकर मंदिरों तक वातावरण भक्तिमय दिखा.
धनबाद: शिव भक्ति में झूम उठा कोयलांचल

सावन की अंतिम सोमवारी पर विभिन्न शिवालयों, मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भुईफोर मंदिर का पट भक्तों के लिए सुबह 3 बजे ही खोल दिया गया था. मंदिर बोल बम और जय भोलेनाथ के जयकारे से गुंज उठा. तीनों सोमवारी की तुलना में आखिरी सोमवारी को मंदिर में ज्यादा भीड़ देखी गयी. इसके साथ ही कई जगहों पर श्रद्धालुओं के द्वारा रुद्राभिषेक भी किया गया है. कुछ लोग अपने आसपास के शिवालयों या घरों में भी रुद्राभिषेक कराते दिखे.
डाक बम ने भुईफोर बाबा मंदिर में किया जलाभिषेक

कोयलांचल में सबसे खास बोकारो धनबाद की सीमा पर दामोदर नदी से जल उठाकर तकरीबन 30 किमी तक दौड़ते हुए डाक बम ने गीतों पर नाचते झूमते हुए भुईफोर बाबा के मंदिर में जलाभिषेक किया.
आचार्य शंकर शरण ने कह दी बड़ी बात
वहीं अयोध्या से आये आचार्य शंकर शरण ने बताया कि अंत भला तो सब भला. जिन भक्तों को सावन के अन्य सोमवारी के मौके पर बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने अथवा उनके ऊपर जल अर्पण रुद्राभिषेक आदि के मौके नहीं मिले उनके लिए अंतिम सोमवारी बेहद खास होता है. भगवान उनकी गलतियों को क्षमा कर देते हैं और भोलेनाथ की कृपा से उनके कष्टों का हरण होता है, दुख दूर होते हैं और परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है.
रिपोर्ट: प्रिंस यादव/ राजकुमार जायसवाल
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