कांग्रेस से ‘आजाद’ हुए गुलाम नबी, सोनिया गांधी को भेजा पांच पन्नों का इस्तीफा

नई दिल्ली : वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है.

गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पांच पन्नों का इस्तीफा भेजा है.

गुलाम नबी आजाद कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते रहे हैं.

पूर्व में वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं.

भावुक हुए गुलाम नबी आजाद

सोनिया गांधी को लिखे इस्तीफे में गुलाम नबी आजाद ने लिखा, बड़े खेद और बेहद भावुक हृदय के साथ मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना आधा शताब्दी पुराना नाता तोड़ने का फैसला किया है.

अपमान होने का लगाया आरोप

गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफा पत्र में लिखा, 2019 के चुनाव के बाद से पार्टी में हालात खराब हुए हैं.

विस्तारित कार्य समिति की बैठक में पार्टी के लिए जीवन देने वाले

सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का अपमान करने से पहले राहुल गांधी के हड़बड़ाहट में पद छोड़ने के बाद,

आपने अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया.

एक पद जिस पर आप आज भी पिछले तीन वर्षों से काबिज हैं.

इससे भी बुरी बात यह है कि यूपीए सरकार की संस्थागत अखंडता को ध्वस्त करने वाला रिमोट कंट्रोल मॉडल अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में लागू हो गया था जबकि आप केवल एक मामूली व्यक्ति हैं, सभी महत्वपूर्ण निर्णय राहुल गांधी द्वारा लिए जा रहे थे या इससे भी बदतर उनके सुरक्षा गार्ड और पीएम फैसले ले रहे थे.

गुलाम नबी आजाद – ऐसा है आजाद का राजनीतिक करियर

आजाद का जन्म 7 मार्च 1949 को जम्मू कश्मीर के डोडा में हुआ.

उन्होंने कश्मीर यूनिवर्सिटी से M.SC किया है. वे 1970 के दशक से कांग्रेस से जुड़े.

वे 1975 में जम्मू कश्मीर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे.

1980 में उन्होंने यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था.

वे पहली बार 1980 में महाराष्ट्र के वाशिम से लोकसभा चुनाव जीते थे. इसके बाद उन्हें 1982 में केंद्रीय मंत्री बनाया गया था. वे 1984 में भी इसी सीट से जीते. आजाद 1990-1996 तक महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रहे. वे नरसिम्हा राव की सरकार में भी मंत्री रहे.

गुलाम नबी आजाद – मनमोहन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे आजाद

आजाद 1996 से 2006 तक जम्मू कश्मीर से राज्यसभा पहुंचे. वे 2005 में जम्मू कश्मीर के सीएम भी बने. हालांकि, 2008 में पीडीपी ने कांग्रेस से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद आजाद की सरकार गिर गई थी. आजाद मनमोहन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे. 2014 में आजाद को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया था. 2015 में आजाद को जम्मू कश्मीर से राज्यसभा भेजा गया था.

Bihar Shiksha Sankalp Yatra: बिहार के सभी 38 जिलों में 201...

Bihar Shiksha Sankalp Yatra: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमीनी अनुभव, शोध और नवाचार के समन्वय पर जोर दिया गया...

Rajgir World Peace Pagoda: विश्व शांति स्तूप भारत-जापान की आध्यात्मिक मैत्री...

Rajgir World Peace Pagoda: राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप के 57वें स्थापना दिवस समारोह में ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री...

Bihar Khet Bachao Abhiyan 2026: बिहार में 26 अक्टूबर से शुरू...

Bihar Khet Bachao Abhiyan 2026, पटना: बिहार में खेतों के संरक्षण और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 26 अक्टूबर...