कोर्ट ने आरजेडी विधायक को सुनाई सजा, जुर्माना भी लगाया
पटना : तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और पार्टी विधायक अनिल सहनी को बड़ा झटका लगा है.
अब तय हो चुका है कि कुढ़नी से आरजेडी विधायक अनिल सहनी की विधायकी नहीं रहेगी.
अवकाश और यात्रा भत्ते की धोखाधड़ी के मामले में CBI कोर्ट ने उन्हे दो साल की सजा सुनाई है.
अनिल सहनी पर आरोप था कि जेडीयू से राज्यसभा सांसद रहते
उन्होंने जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास बनवाकर भत्ता भुगतान लिया था.
इस मामले में उनपर 23 लाख 71 हजार रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा था.
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अक्टूबर 2013 में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने एक मामला दर्ज किया था, जिसे CBI को ट्रांसफर कर दिया गया.
CBI की जांच में अनिल सहनी पर लगे आरोपों को सही पाया.
अनिल सहनी को दो साल कैद की सजा के साथ-साथ दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी.
नियम के मुताबिक अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है. इससे पहले सजा पाने के कारण बिहार के चार विधायकों की सदस्यता जा चुकी है. उनके नाम हैं रामनरेश यादव, राजवल्लभ यादव, इलियास हुसैन और अनंत सिंह. सज़ा के बाद अनिल सहनी अगले 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे. अनिल सहनी की सदस्यता जाने के बाद आरजेडी के विधायकों की संख्या बीजेपी से सिर्फ दो ज्यादा यानि 78 रह जाएगी.
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बता दें कि अनिल साहनी समेत तीन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नामित सीबीआई अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था. जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और आधिकारिक पद का दुरुपयोग करना आरोपों में शामिल था. सीबीआई ने सरकार को धोखा देने और जाली हवाई टिकट और बोर्डिंग पास के आधार पर राज्यसभा सचिवालय से प्रतिपूर्ति का दावा करने के आरोप में साहनी और अन्य आरोपितों के खिलाफ 2013 में मामला दर्ज किया था. केंद्रीय सतर्कता आयोग ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया था.
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