जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पत्नी के साथ जमशेदपुर के कदमा स्थित
आवास में नवरात्र की महानवमी पर कन्या का पूरे विधि विधान से पूजन किया.
इस अवसर पर उन्होंने कन्याओं को अपने हाथों से प्रसाद खिलाया और उनका आशीर्वाद लिया.
मंत्री बन्ना गुप्ता प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के मौके पर कन्या पूजन अपने परिवार के साथ मिलकर करते हैं.
नवरात्रि के आख़री दिन यानि महानवमी के मौके पर किया जाने वाले कन्या पूजा का विशेष महत्व है.
कन्यापूजन के उपरांत ही नवरात्रि का समापन होता है.
इस दौरान पूरे विधि विधान से मंत्री बन्ना गुप्ता ने कन्यापूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया.
मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि माता की पूजा के साथ हमें अपने आप में भी बदलाव लाना होगा.
भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा को समाप्त करना होगा. तब सही मायने में माता की आराधना सफल होगी.

महानवमी: सूर्य धाम में रघुवर दास ने की 501 कन्याओं की पूजा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने
जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सूर्य धाम में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की.
इस दौरान रघुवर दास अपने पूरे परिवार के साथ हवन भी किया.
इसके पश्चात उन्होंने 501 कन्याओं को अपने हाथों से प्रसाद खिलाया और उनका आशीर्वाद लिया. मौके पर रघुवर दास की पत्नी, बेटे और बहू भी मौजूद रहे.
धूमधाम से हो रही मां सिद्धिदात्री की पूजा
बता दें कि नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा झारखंड सहित पूरे देश में धूमधाम से मनायी जा रही है. आज के दिन कन्यापूजन हो रही है. सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है. सिद्धिदात्री मां के कृपापात्र भक्त के भीतर कोई ऐसी कामना शेष बचती ही नहीं है, जिसे वह पूर्ण करना चाहे. मान्यता है कि विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ माता की उपासना करने से उपासक को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं. मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है. नवरात्र के नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री का आह्वान, ध्यान और उपासना की जाती है.
महानवमी: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि
ज्योतिषियों के अनुसार, जिस तरह भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की तपस्या करके आठ सिद्धियां प्राप्ती की थी, उसी तरह माता की विधि विधान से पूजा और मंत्रों के उच्चारण से अष्ट सिद्धि और बुद्धि की प्राप्ति हो सकती है. मां सिद्धिदात्री की पूजा के लिए सर्वप्रथम सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. अच्छे वस्त्र धारण करके मां की पूजा का स्थल तैयार करें. चौकी पर मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा स्थापित करें और ध्यान करें. मां सिद्धिदात्री को प्रसाद का भोग लगाएं. माता को फल, फूल आदि अर्पित करें. ज्योति जलाकर सिद्धिदात्री मां की आरती करें. अंत में मां सिद्धिदात्री का आशीर्वाद लेते हुए पूजा समाप्त करें.
रिपोर्ट: लाला जब़ी

















