Patna – सुधारकर सिंह के इस्तीफे के बाद राजधानी पटना में इस बात के कयास गर्म है
कि क्या बदले राजनीतिक हालात में राजद अनंत सिंह से भी अपना पल्ला झाड़ सकता है.
सुधारकर सिंह के इस्तीफे के बाद अनंत सिंह पर लटकी तलवार
दरअसल यह बात इसलिए भी उठ रही है क्यों कि महागठबंधन की सरकार बनने ही
नीतीश मंत्रिमंडल मंडल से पहला विकेट राजद कोटे से
मंत्रीमंडल में शामिल किये गये कार्तिकेय सिंह का गिरा था,
कार्तिकेय सिंह एक मामले में फरार चल रहे थें.
कहा जाता है कि उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी,
विपक्ष की ओर से इसे एक मुद्दा बनाया जा रहा था,
आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका मंत्रिमंडल बदल कर इस बात का संकेत दे दिया
कि वह इस प्रकरण से खुश नहीं है,
संकेत मिलते ही कार्तिकेय सिंह ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप दिया.
उसके बाद दूसरा विकेट कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का गिरा है.
सुधाकर सिंह भी राजद कोटे से मंत्री थें.
और शपथ ग्रहण के दिन से कुछ बड़बोलेपन का भी शिकार थें.
साथ ही उन पर चावल घोटाले में संलिप्ता का आरोप था.
बार बार वह अपने बयानों से नीतीश कुमार को असहज कर रहे थें,
आखिरकार उनका इस्तीफा भी ले लिया गया.
किसी भी दागी को अपने साथ रखने में सहज नहीं है नीतीश
लेकिन इसके बाद बिहार की राजनीति में यह चर्चा आम हो गया है
कि क्या यह सब कुछ नीतीश कुमार के दवाब में हो रहा है.
क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी भी दागी को अपने साथ रखने में सहज नहीं पा रहे हैं.
यही कारण है कि बार बार राजद कोटे से मंत्रियों का विकेट गिर रहा है.
क्योंकि जिस आधार पर मंत्री कार्तिकेय सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया है,
जिस प्रकार यह दावा किया गया कि उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, वैसा कुछ तो नहीं हुआ नहीं.
सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद अनंत सिंह पर लटकी तलवार
आखिरकार ऐसा कौन सा मंत्रिमंडल है जहां दागियों की भरमार नहीं हो,
केन्द्र से लेकर राज्यों में दागियों की भरमार है.
मात्र आरोपों पर किसी को मंत्रिमंडल से बाहर तो नहीं किया जा सकता.
लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गिन-गिन कर राजद के दागियों पर कार्रवाई कर रहे हैं
तब क्या यह माना जाए तो इसी नक्शेकदम पर चलते हुए
अनंत सिंह की उम्मीदवारी पर तलवार लटक सकती है.
सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार को
खुश करने के लिए तेजस्वी यादव अनंत सिंह से भी पल्ला झाड़ लेंगे.
मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गयी है.
यह वही सीट है जहां से अनंत सिंह विधायक थे और
उनके सजायाफ्ता होने के बाद ये सीट खाली हुई है.
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