रांची: झारखंड में शराब घोटाले की जांच कर रही एसीबी ने गुरुवार को एक अहम कार्रवाई करते हुए मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्रा. लि. नामक प्लेसमेंट एजेंसी के दस्तावेज खंगाले। यह एजेंसी राज्य भर में खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर की आपूर्ति करती थी और उस पर 5.02 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देने का गंभीर आरोप है।
एसीबी को पता चला है कि जालसाजी में लिप्त इस एजेंसी में उत्पाद विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के करीबी व्यक्ति की भागीदारी है। यही कारण रहा कि बैंक द्वारा 2 मार्च 2024 को फर्जी गारंटी की पुष्टि करने के बावजूद न तो एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया गया और न ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) को दिए गए फर्जी बैंक गारंटी मामले में साजिश रचकर सरकारी राजस्व में करोड़ों की हेराफेरी की गई। गुरुवार को इस घोटाले के आरोप में गिरफ्तार JSBCL के जीएम (वित्त) सुधीर दास, पूर्व जीएम सुधीर कुमार और एजेंसी संचालक नीरज कुमार को विशेष अदालत में पेश किया गया।
एसीबी के रडार पर अब कई वरिष्ठ अफसर
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ जिलों के उत्पाद अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। सूत्रों के मुताबिक, ये अधिकारी प्लेसमेंट एजेंसियों के साथ मिलकर अवैध शराब कारोबार में संलिप्त रहे और सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई। एसीबी अब इन अफसरों के खिलाफ जांच तेज करने की तैयारी में है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
विनय चौबे की तबीयत बिगड़ी, रिम्स में भर्ती
शराब घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी विनय चौबे की गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बिरसा मुंडा जेल से रिम्स स्थानांतरित किया गया। उन्हें मेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. ऋषि तुहीन गुड़िया की निगरानी में रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया है। 21 मई को मेडिकल बोर्ड की बैठक में उनके इलाज के लिए रिम्स में भर्ती की अनुशंसा की गई थी।







