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Agnipath Scheme Review: अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने और 50% तक स्थायी भर्ती पर मंथन

ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव और पहले अग्निवीर बैच की सेवा पूरी होने से पहले केंद्र सरकार अग्निपथ योजना की समीक्षा कर रही है। सेवा अवधि बढ़ाने और 50% तक स्थायी भर्ती पर विचार।


Agnipath Scheme Review नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव और पहले अग्निवीर बैच की चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने से पहले केंद्र सरकार अग्निपथ योजना की व्यापक समीक्षा में जुटी है। वर्ष 2026-27 में पहले बैच की सेवा अवधि समाप्त होने वाली है। ऐसे में अग्निवीरों की स्थायी भर्ती, सेवा अवधि और प्रशिक्षण मॉडल में बदलाव को लेकर मंथन तेज हो गया है।

सूत्रों के अनुसार नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के कार्यभार संभालने के बाद ‘अग्निपथ-2’ का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसमें वर्तमान व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों पर विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप योजना को और प्रभावी बनाया जा सके।

Agnipath Scheme Review:25% से बढ़ाकर 50% तक स्थायी भर्ती पर विचार

फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही स्थायी कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। हालांकि पूर्व सैन्य अधिकारियों का एक वर्ग इसे 50 से 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की वकालत कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल स्थायी भर्ती का प्रतिशत 50 तक करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।


Key Highlights

  • ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव के आधार पर अग्निपथ योजना की व्यापक समीक्षा।

  • अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 से बढ़ाकर 6 से 8 वर्ष करने पर चर्चा।

  • स्थायी भर्ती का प्रतिशत 25% से बढ़ाकर 50% तक करने पर गंभीर विचार।

  • अलग-अलग सैन्य शाखाओं के लिए अलग सेवा मॉडल तैयार करने की तैयारी।

  • नए सीडीएस के कार्यभार संभालने के बाद ‘अग्निपथ-2’ का खाका तैयार किया जा रहा है।


Agnipath Scheme Review:अलग-अलग सैन्य शाखाओं के लिए अलग सेवा मॉडल

समीक्षा के दौरान यह भी प्रस्ताव सामने आया है कि सेना की विभिन्न शाखाओं के लिए अलग-अलग सेवा अवधि तय की जाए। इन्फैंट्री और एयर डिफेंस जैसी शाखाओं के लिए एक मॉडल, जबकि साइबर सुरक्षा, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों के लिए लंबी सेवा अवधि का अलग मॉडल तैयार किया जा सकता है।

इसका उद्देश्य तकनीकी दक्षता रखने वाले प्रशिक्षित अग्निवीरों का अधिक समय तक सेना में उपयोग करना है।

Agnipath Scheme Review:ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव से मिले सुझाव

सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल संजय भटनागर का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अग्निवीरों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित जवानों की क्षमता का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब उन्हें कम से कम 6 से 8 वर्ष तक सेवा का अवसर दिया जाए। इसी अनुभव के आधार पर प्रशिक्षण मॉडल में भी बदलाव और नई चुनौतियों के अनुरूप सुधार की तैयारी की जा रही है।


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