The last journey of “Ani Babu”, taken out with full Hindu customs and respect, was given farewell with moist eyes
Samastipur-The last journey of Ani Babu-आपने पशु प्रेम की अनगिनत कहानियां सूनी होगी. गांव की बात जाने दीजिये, आज के मध्यम और उच्च वर्गीय परिवारों में भी लोग पालतू जानवरों को अपने परिवार का ही एक हिस्सा मानते हैं, उसका गम पूरे परिवार का गम बन जाता है, और उसकी खुशी पूरे परिवार की खुशी.
लेकिन आपने नम आंखों के साथ किसी कुत्ते की अंतिम विदाई तो नहीं देखी होगी.
दलसिंहसराय के एक व्यवसायी ने निकाली यात्रा
लेकिन एक ऐसा ही मामला आया है समस्तीपुर के दलसिंहसराय के गौसपुर गांव से, व्यवसायी विनोद कुमार सिंह ने अपने वफादार कुत्ते की मौत के बाद ने सिर्फ उसकी अंतिम यात्रा निकाली, बल्कि पूरे परिवार ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई भी दी.
बताया जा रहा है कि व्यवसायी विनोद कुमार सिंह ने ग्यारह साल पहले दिल्ली से एक कुत्ते के बच्चे को अपने साथ लेकर आये थें. परिवार के सदस्यों ने उसका नाम एनी रखा था.

वह पूरी तरह से वेजिटेरियन था. इस कारण वह पूरे परिवार से धूल मिल गया था.
परिवार के लोग उसे प्यार से एनी बाबू कहकर बुलाते थे. उम्र बढ़ जाने के कारण कुछ दिनों से वह बीमार चल रहा था.
काफी इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका.
पूरे हिंदू रीति रिवाज से निकाली गयी शव यात्रा
एनी की मौत के बाद परिवार ने अपने चहेते का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति रिवाज से करने का निर्णय लिया.
उसकी शवयात्रा निकाली गयी. घर से कुछ ही दूरी पर उसे दफनाया गया. साथ ही उस जगह पर एक तुलसी का पौधा भी लगाया गया.
इस संबंध में राम विनोद सिंह ने बताया कि एनी सिर्फ एक कुत्ता ही नहीं बल्कि उनके परिवार का एक वफादार सदस्य भी था.
वह हम सभी की जिंदगी का एक हिस्सा था. जिसने पूरी वफादारी और ईमानदारी से उनके परिवार की रक्षा की है.
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