कर्नाटक के धारवाड़ में पति ने गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए पत्नी की सुपारी देकर हत्या करवा दी। बस के डैशकैम फुटेज से पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश किया।
कर्नाटक: कभी लोग कहते थे शादी सात जन्मों का बंधन होती है। आज लगता है यह बंधन जमीन के कागजों जितना हल्का हो गया है। कर्नाटक के धारवाड़ से आई एक खबर ने रिश्तों की असल कीमत पर ऐसा सवाल खड़ा किया है, जिसे सुनकर समाज भी शायद थोड़ी देर के लिए चुप हो जाए।
कहानी सीधी है और डरावनी भी। पत्नी ने गुजारा भत्ता में दो एकड़ जमीन मांगी थी। पति ने सोचा जमीन क्यों दें, इससे अच्छा पत्नी ही रास्ते से हटा दी जाए। और फिर वही हुआ जो किसी फिल्म की कहानी लगता है, लेकिन असल जिंदगी में घट गया।
अब इस खबर के बीच एक कड़वी लाइन बार बार कानों में गूंजती है
हम ना देव गुजारा भत्ता, इससे अच्छा तो हम तोहरा कुच दे।
Key Highlights
धारवाड़ में पति ने गुजारा भत्ता से बचने के लिए पत्नी की हत्या की साजिश रची
दो एकड़ जमीन देने से बचने के लिए दोस्तों को दी सुपारी
महिंद्रा थार से कुचलकर हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश
बस के डैशकैम फुटेज में कैद हुई पूरी वारदात
पुलिस ने पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
दो एकड़ जमीन और खत्म कर दी जिंदगी
धारवाड़ पुलिस के अनुसार उदय हट्टारागी ने साल 2000 में ललिता से शादी की थी। शादी के शुरुआती साल सामान्य रहे, लेकिन पिछले करीब दस सालों से दोनों के रिश्ते में लगातार तनाव था।
आखिरकार मामला अदालत तक पहुंच गया। ललिता ने गुजारा भत्ता के रूप में दो एकड़ जमीन की मांग की थी। अदालत में सुनवाई अंतिम दौर में थी।
लेकिन उदय को जमीन देना मंजूर नहीं था। इसलिए उसने कानून से लड़ने के बजाय एक खौफनाक रास्ता चुना। उसने पत्नी की हत्या की सुपारी अपने तीन दोस्तों को दे दी।
सोचिए, अदालत में फैसला आने से पहले ही किसी ने अपनी निजी अदालत लगा ली और सजा भी सुना दी।
एक्सीडेंट का खेल और थार का इस्तेमाल
26 फरवरी को योजना के मुताबिक उदय ने ललिता को बातचीत के बहाने सवदत्ती रोड पर बुलाया। दुर्गादेवी मंदिर के पास उसके तीन दोस्त पहले से महिंद्रा थार लेकर इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही ललिता सड़क किनारे पैदल चल रही थीं, पीछे से आई थार ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और कुचल दिया। पूरी योजना यही थी कि यह एक सामान्य सड़क दुर्घटना लगे।
लेकिन अपराधी अक्सर एक गलती कर बैठते हैं। उन्हें लगता है सड़क खाली है, लेकिन सच देखने वाली कोई आंख जरूर होती है।
बस के कैमरे ने खोल दिया पूरा खेल
घटना के समय पीछे से आ रही एक बस के डैशबोर्ड कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। बस चालक ने यह फुटेज देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जब पुलिस ने फुटेज की जांच की तो साफ हो गया कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उदय हट्टारागी और उसके तीन साथियों नागप्पा पडेकल, अभिषेक वरगन्नवर और नागराज उप्पिन को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या में इस्तेमाल की गई थार भी जब्त कर ली गई है।
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