सीओ शंभू शरण राय नहीं जानते थे तैरना फिर भी गंगा में छलांग लगाकर मां-बेटी को बचाया
भागलपुर : सीओ साहब की दिलेरी- अजगैबीनाथ मंदिर के समीप
एक महिला और युवती गंगा में डूबते देख लोगों ने हंगामा किया.
हंगामा सुनते ही सीओ शंभू शरण राय अचानक पानी की तरफ दौड़ पड़े.
देखा कि महिला और युवती का पानी के ऊपर सिर्फ बाल दिख रहा है.
इसी बीच सीओ अपना मोबाइल एक अंजान व्यक्ति के हाथ में थमा कर गंगा में छलांग लगा दी.
ऐसे बची मां-बेटी की जान
सीओ किसी तरह डूब रहे महिला और युवती के पास पहुंचे.
जब दोनों को पकड़ कर खींचने लगे तो सीओ पानी के अंदर जाने लगे.
लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुये एक युवक का सहारा लिया. इसी बीच लोगों ने बांस का सहारा दिया.
कई लोगों ने गमछा फेंक कर भी मदद करने की कोशिश की.
इस बीच सीओ करीब दस मिनट तक पानी में मौत और जिंदगी के बीच महिला की जान बचाने में जंग लड़ते रहे. सीओ को पानी में जंग लड़ता देख कई लोग भी पानी में कूद कर डूब रही मां-बेटी की जान बचाने में मदद की. इस दौरान बीडीओ मनोज कुमार मुर्मू भी मौजूद थे. जिन्होंने महिला और युवती को पानी से बाहर निकालने में मदद की.

घटना पर बेटी ने दिया ये जवाब
गंगा से बाहर निकलने पर महिला से पूछताछ की गई. जानकारी मिला कि वह मुंगेर जिले असरगंज थाना क्षेत्र के मासूमगंज निवासी राजेन्द्र झा की पत्नी ममता देवी हैं. उसके साथ 14 वर्षीय ज्योति कुमारी उसकी बेटी है. गंगा में डूबने के बारे में पूछताछ की गई तो महिला ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. महिला की बेटी ने कहा कि मां ने गंगा स्नान कराने की बात लेकर यहां लायी थी. उसके बाद पानी में लेकर मां चली गयी. घटना की जानकारी पर एक रिश्तेदार घाट पर पहुंचा. उन्होंने बताया कि घर से गुस्सा कर भाग गयी है. खोजबीन करते जब गंगा घाट पहुंचे तो पता चला कि महिला अपनी बेटी के साथ गंगा में डूब रही थी. जिसे स्थानीय लोगों और अधिकारी ने बचाया है. पुलिस ने मां-बेटी से पूछताछ कर परिजनों से संपर्क कर थाना आने की जानकारी दी गई.

आंखों के सामने डूबते देख नहीं रहा गया- सीओ
बता दें कि अजगैबीनाथ मंदिर के बगल मे बांस बेरेकेटिंग का काम मंगलवार को चल रहा था. इसी का निरीक्षण करने बीडीओ, सीओ एक साथ नयी सीढ़ी घाट पहुंचे थे. बांस बेरेकेटिंग का निरीक्षण करते मंदिर की तरफ जा रहे थे. सीओ ने बताया कि मंदिर के पास पहुंचते ही जोर-जोर से लोगों का हंगामा करने की आवाज आने लगा. महिला डूबने की शोर मचाने लगी. कई लोग गंगा किनारे जमा हो गए.
सीओ ने बताया कि जब अपनी आंखों से दोनों को डूबते देख रहे थे तो मन में एक अजीब हिम्मत आ गया. दोनों को बचाने के लिए बिना कुछ सोचे समझे पानी में कूद गए. जब महिला के पास पहुंचे तो याद आया कि मुझे तैरने नहीं आता है. इसी बीच डूब रही महिला ने अधिक पानी की ओर खींचने लगी. मौत और जिंदगी से जंग लड़ी जा रही थी. किसी तरह बेरेकेटिंग का सहारा लिया. कई लोगों ने मदद किया. पानी में बांस देकर मदद किया. उसके बाद दोनों को पानी से बाहर निकलने सफल हुये. घटना के बाद कार्यपालक पदाधिकारी अभिनव कुमार थाना इंस्पेक्टर लाल बहादुर मौके पर पहुंचे और सीओ को इस हिम्मत भरी काम की तारीफ जमकर की.
शहर में सीओ की बहादुरी की चर्चा
मां बेटी को डूबने से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले सीओ शंभू शरण राय की बहादुरी की चर्चा शहर में फैल गयी. जिसने भी सुना वे सभी दौड़े-दौड़े घाट की तरफ पहुंच गए. वहीं सीओ की बहादुरी की चर्चा पूरे शहर में हो रही है.
रिपोर्ट: अंजनी कुमार कश्यप
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