बिहार सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का बड़ा फैसला लिया है। हर वर्ष जुलाई में भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा।
Bihar Teacher Recruitment पटना: पटना में Samrat Choudhary की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक नियुक्ति, स्थानांतरण नीति और विद्यालयों में पोशाक आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बड़े फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में राज्य में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके तहत हर वर्ष कम से कम 20 हजार शिक्षकों की बहाली होगी और प्रत्येक वर्ष जुलाई महीने में नियुक्ति संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा।
Bihar Teacher Recruitment: हर साल होगी 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर शिक्षक नियुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में Education Department Bihar के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने विभागीय योजनाओं और भावी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Key Highlights
बिहार में अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की भर्ती होगी
हर वर्ष जुलाई में जारी होगा भर्ती विज्ञापन
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नीति बनेगी
जीविका समूहों के जरिए विद्यालयों में पोशाक आपूर्ति होगी
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का बड़ा फोकस
Bihar Teacher Recruitment: शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए बनेगी नई नीति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों के स्थानांतरण को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों का स्थानांतरण यथासंभव उनके गृह जिले के गृह पंचायत के निकट किया जाए, जबकि पुरुष शिक्षकों को गृह प्रखंड के आसपास के प्रखंडों में पदस्थापित करने की नीति बनाई जाए। इससे शिक्षकों को सुविधा मिलने के साथ कार्य क्षमता में भी सुधार होगा।
Bihar Teacher Recruitment: जीविका के माध्यम से होगी पोशाक की आपूर्ति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पोशाक की आपूर्ति जीविका समूहों के माध्यम से कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे पोशाक की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और महिला स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में Mithilesh Tiwari, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न निदेशक स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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