पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड बॉर्डर पर सख्ती, 52 हाईटेक चेकपोस्ट सक्रिय, शराब और नकदी की तस्करी रोकने के लिए कड़ी निगरानी।
Border Security रांची: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही झारखंड से सटे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बंगाल सरकार के अनुरोध और चुनाव आयोग के निर्देश पर झारखंड पुलिस व प्रशासन ने 10 सीमावर्ती जिलों में 52 हाईटेक चेकिंग पॉइंट्स स्थापित किए हैं, जहां 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
Border Security: सीमावर्ती जिलों में सख्त चेकिंग और निगरानी
साहिबगंज से लेकर पूर्वी सिंहभूम तक फैली झारखंड-बंगाल सीमा को पूरी तरह सर्विलांस जोन में बदल दिया गया है।
23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में तय किया गया है कि बिना सघन तलाशी के किसी भी वाहन को सीमा पार नहीं करने दिया जाएगा।
चुनाव आयोग के निर्देश पर झारखंड के गृह विभाग ने सभी डीसी और एसपी को अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया है।
Key Highlights
बंगाल चुनाव से पहले झारखंड बॉर्डर पर हाई अलर्ट
10 जिलों में 52 हाईटेक चेकिंग पॉइंट्स स्थापित
शराब और अवैध नकदी की तस्करी रोकने के लिए सख्ती
बाहुबलियों की गतिविधियों पर खुफिया निगरानी
सीसीटीवी और ड्रोन से हाईटेक सर्विलांस व्यवस्था
Border Security: शराब और नकदी तस्करी पर खास नजर
चुनाव के दौरान बंगाल में ड्राई डे लागू रहने के कारण झारखंड से अवैध शराब की तस्करी की आशंका बढ़ जाती है।
इसी को देखते हुए धनबाद के मैथन, बोकारो के चास और जामताड़ा के बॉर्डर इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।
फ्लाइंग स्क्वायड और स्टेटिक सर्विलांस टीम इन इलाकों में लगातार चेकिंग कर रही हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि चुनाव प्रभावित न हो।
Border Security: बाहुबलियों और अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर
खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि झारखंड के कुछ कुख्यात अपराधी बंगाल के पुरुलिया, पश्चिम वर्धमान और वीरभूम जिलों में चुनाव के दौरान सक्रिय हो सकते हैं।
इसे रोकने के लिए मतदान से 48 घंटे पहले सभी 52 चेकपोस्ट पूरी तरह सील कर दिए जाएंगे।
इंटर-स्टेट बसों और निजी वाहनों की गहन जांच के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की डिजिटल जांच भी की जाएगी।
Border Security: हाईटेक निगरानी और ड्रोन का इस्तेमाल
सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड जिला मुख्यालय और चुनाव आयोग के कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है।
संवेदनशील बॉर्डर पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग के साथ ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जा सकता है, ताकि पगडंडियों और नदी मार्गों से होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
Highlights







