Cabinet meeting: झारखंड अभियंत्रण सेवा Appointment Rules पर आज कैबिनेट में फैसला संभव, JPSC की सहमति के बाद बढ़ी उम्मीद

Cabinet meeting:झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली को JPSC, विधि व वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है। 9 जनवरी की कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है।


Cabinet meeting: कैबिनेट में पेश हो सकती है अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली

रांची: झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली को लेकर लंबे समय से चली आ रही अड़चनें अब समाप्त होती दिख रही हैं। विधि विभाग और वित्त विभाग से सहमति मिलने के बाद अब झारखंड लोक सेवा आयोग ने भी इस नियमावली पर अपनी स्वीकृति दे दी है। सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग से अंतिम सहमति मिलते ही 9 जनवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इसे पारित किया जा सकता है।

यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो राज्य में अभियंत्रण सेवा की नियुक्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा और वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे अभियंताओं को बड़ी राहत मिल सकती है।


Key Highlights

  • झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली कैबिनेट में रखे जाने की तैयारी

  • विधि, वित्त विभाग और JPSC की सहमति मिल चुकी

  • नौ वर्षों से लंबित नियमावली पर हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी

  • प्रधान सचिवों को अवमानना नोटिस, 22 जनवरी को सुनवाई

  • कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ


Cabinet meeting: नौ वर्षों की देरी पर हाईकोर्ट ने जताई थी सख्ती

गौरतलब है कि झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली पिछले करीब नौ वर्षों से लंबित है। इसे लागू नहीं किए जाने को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इतने लंबे समय तक नियमावली को लंबित रखना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

Cabinet meeting: अवमानना मामले में 22 जनवरी को सुनवाई

हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस गौतम कुमार चौधरी शामिल हैं, ने 4 अक्तूबर 2025 के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी करते हुए उनके खिलाफ अवमानना के तहत आरोप गठन पर 22 जनवरी को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।

इस मामले में सत्यदेव मोहन घोष, अशोक कुमार राय, डिप्लोमा अभियंता संघ समेत अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। अब सभी की निगाहें कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं, जहां से नियमावली को लेकर अंतिम निर्णय आने की संभावना है।


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