CBSE Onscreen Marking 2026: सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 में ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू। 18.59 लाख छात्र, 1 करोड़ से अधिक कॉपियां डिजिटल जांचेंगी। दोनों विकल्प हल करने पर अधिक अंक मान्य होंगे।
CBSE Onscreen Marking 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में इस बार ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इससे कॉपी जांचने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि मूल्यांकन 26 फरवरी से शुरू होने की संभावना है और इस बार पारदर्शिता व सटीकता पर विशेष जोर रहेगा।
CBSE Onscreen Marking 2026: 18.59 लाख छात्र, एक करोड़ से अधिक कॉपियों की डिजिटल जांच
इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में 18,59,479 छात्र शामिल होंगे, जो 120 विषयों की परीक्षा देंगे। कुल 1,00,44,295 कॉपियों की ऑनस्क्रीन जांच की जाएगी।
सभी उत्तरपुस्तिकाएं केंद्रीय स्तर पर स्कैन की जाएंगी। प्रत्येक रीजन की कॉपियां संबंधित क्षेत्रीय केंद्रों पर एकत्र कर स्कैन कर सेंट्रल सर्वर पर अपलोड की जाएंगी। एक स्कैनर आठ घंटे में लगभग 400 कॉपियां स्कैन कर सकता है।
स्कैनिंग के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई पेज छूटे नहीं, दोबारा स्कैन न हो, खाली पेज भी शामिल हों और पेज स्पष्ट दिखाई दे। कमी पाए जाने पर कॉपी दोबारा स्कैन होगी।
CBSE Onscreen Marking 2026: खाली पेज भी स्कैन, बिना मार्किंग कॉपी जमा नहीं
नई व्यवस्था के तहत छात्रों की उत्तरपुस्तिका के खाली पेज भी स्कैन होंगे। यदि परीक्षक किसी पेज की मार्किंग नहीं करते हैं तो सिस्टम कॉपी जमा नहीं होने देगा।
अगर छात्र ने किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है तो परीक्षक को मार्किंग टेबल में उस प्रश्न के आगे एनए यानी नॉट अटेंप्टेड लिखना अनिवार्य होगा। किसी पेज को स्किप करने पर सिस्टम स्वतः रिमाइंड करेगा।
एक शिक्षक को एक बार में 20 कॉपियां जांचने के लिए असाइन की जाएंगी। अंक देने के बाद संशोधन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
12वीं बोर्ड में पहली बार ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू
18.59 लाख छात्र और 1 करोड़ से अधिक कॉपियां डिजिटल जांच
खाली पेज भी स्कैन, बिना पूर्ण मार्किंग कॉपी जमा नहीं
दो विकल्प हल करने पर अधिक अंक वाला उत्तर मान्य
सभी स्कूलों के लिए मूल्यांकन में भागीदारी अनिवार्य
दोनों विकल्प हल करने पर अधिक अंक मान्य
यदि किसी प्रश्न में दो विकल्पों में से एक हल करने को कहा गया था और छात्र ने दोनों के उत्तर लिख दिए हैं, तो इस स्थिति में अधिक अंक वाले उत्तर को ही जोड़ा जाएगा। परीक्षक को स्टेपवाइज मार्किंग स्कीम के अनुसार अंक देने होंगे।
सभी स्कूलों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई स्कूल भाग नहीं लेता है तो उसका परिणाम जारी नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूल के 500 छात्र परीक्षा दे रहे हैं तो उस स्कूल के शिक्षकों को 500 कॉपियां जांचनी होंगी।
सुरक्षित लॉगइन और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
सिस्टम की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं। शिक्षक केवल स्कूल परिसर के पंजीकृत आईपी एड्रेस वाले कंप्यूटर से ही लॉगइन कर सकेंगे। घर या बाहर से लॉगइन की अनुमति नहीं होगी। दिल्ली के पांच स्थानों पर ड्राई रन के बाद सिस्टम को लागू किया गया है।
इस वर्ष जापान से घाना तक के विदेशी शिक्षक भी मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
Highlights


