रांची: सीबीआई अदालत में जेपीएसी प्रथम सिविल सेवा नियुक्ति घोटाले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दिया है।
चार्जशीट में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष डा. दिलीप प्रसाद, तत्कालीन वरीय सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह, सदस्य राधा गोविंद सिंह नागेश, शांति देवी, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी के अलावा अपर समाहर्ता रैंक के अधिकारी सहित 37 को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने सभी आरोपी के खिलाफ जांच पुरी कर ली है। सीबीआई की ओर से दो जेलर और डीटीओ पर भी चार्जशीट दाखिल की है।
चार्जशीट में 25 से 30 ऐसे आरोपित हैं, जो जेपीएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर अफसर बने हुए हैं। सीबीआइ ने इस मामले में करीब 12 साल बाद चार्जशीट दाखिल की है। मामले में अब अदालत आठ मई को चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती है। संज्ञान लेने के बाद चार्जशीटेड आरोपितों के खिलाफ समन जारी किया जाएगा।
हाई कोर्ट के आदेश पर हुई सीबीआइ जांच प्रथम और द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने 2012 को सीबीआइ जांच का आदेश दिया, जिसके बाद हाई कोर्ट ने नियुक्त पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दिया था।
हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। इस मामले में बुद्धदेव उरांव की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। छह अप्रैल को सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया है कि 12 साल से अधिक समय के बाद भी सीबीआइ ने जांच पूरी नहीं की। इस पर सीबीआइ ने अदालत को बताया था कि गड़बड़ी मामले की जांच अब तक जारी है। इसी मामले में सीबीआइ ने चार्जशीट दाखिल की है।







