मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी मथुरापुर गांव में हुए हृदयविदारक सामूहिक आत्महत्या मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए अब राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) ने कमान संभाल ली है। सोमवार को सीआईडी के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सह प्रभारी डीआईजी मुजफ्फरपुर रेंज जयंतकांत के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एक उच्चस्तरीय टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए।
इस जघन्य घटना ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था
आपको बता दें कि इस जघन्य घटना ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था, जहां एक ही परिवार के सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। स्थानीय लोगों और परिजनों की निष्पक्ष जांच की मांग के बीच सीआईडी की टीम की एंट्री से उम्मीद जगी है कि मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी।

CID की टीम के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में हलचल मच गई
सोमवार को सीआईडी की टीम के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में हलचल मच गई। डीआईजी जयंतकांत के साथ इस जांच दल में डीएसपी अनुशील, डीएसपी केके गुप्ता और डीएसपी कसर समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। स्थानीय पुलिस ने जांच में पूरा सहयोग किया। इस दौरान मुजफ्फरपुर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) राजेश सिंह प्रभाकर भी मौके पर मौजूद रहे।
परिजनों और ग्रामीणों से विस्तार से पूछताछ
जांच का मुख्य फोकस घटना के मूल कारणों को समझना था। सीआईडी अधिकारियों ने उस घर का बारीकी से निरीक्षण किया। जहां यह दुखद घटना हुई थी। टीम ने मृतक के चाचा सीताराम और आसपास के ग्रामीणों से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति, किसी संभावित विवाद और घटना से पहले परिवार के सदस्यों के व्यवहार में किसी असामान्य बदलाव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई।

पुलिसिया कार्रवाई की समीक्षा, साजिश से इनकार नहीं
सीआईडी की टीम ने सकरा थाना पुलिस द्वारा अबतक की गई कार्रवाई और केस डायरी का भी गहनता से अवलोकन किया। डीआईजी जयंतकांत ने स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह मामला केवल हताशा में की गई आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई बाहरी दबाव, उकसावा अथवा सुनियोजित साजिश थी। फिलहाल, सीआईडी की टीम जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी को मामले के खुलासे का इंतजार है।
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संतोष कुमार की रिपोर्ट
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